प्रकृति और पक्षियों के करीब रहने वाले ज्यादा रहते हैं खुशहाल : अखिलेश
प्रकृति और पक्षियों के करीब रहने वाले ज्यादा रहते हैं खुशहाल : अखिलेश
रतिभान त्रिपाठी
मुख्यमंत्री ने आगरा के जरार गांव में किया पहले बर्ड फेस्टिवल का उद्घाटन
कहा- दुनिया के पैमाने पर पर्यावरण को बचाने के लिए केवल पेरिस और आगरा की ही चर्चा
जरार (आगरा), 5 दिसम्बर (देशबन्धु) : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रकृति और पक्षियों के करीब रहने वाले लोग ज्यादा खुशहाल रहते हैं, जबकि बंद कमरे में रहकर टीवी और मोबाइल से जुड़े रहने वाले लोग हमेशा दुखी दिखाई देते हैं। हमारे यहां पर्यावरण और पशु पक्षियों को बचाने, उन्हें संरक्षण देने की पुरानी परंपरा रही है। मौजूदा दौर में इसकी ज्यादा जरूरत है। देश-प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की ज्यादा जरूरत है, ताकि लोगों का मिजाज और सेहत दोनों ठीक रखी जा सके।
शनिवार आगरा जिले की बाह तहसील के बरार गांव में देश विदेश के पक्षी प्रेमियों की मौजूदगी में पहले बर्ड फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज धरती को बचाने व पर्यावरण की रक्षा के लिए दुनिया के पैमाने पर या तो पेरिस में चर्चा हो रही है या फिर उत्तर प्रदेश के आगरा की। पिछले दो दिनों से यहां मौजूद सैकड़ों पक्षी प्रेमी और विशेषज्ञ चंबल और यमुना के बीच पक्षियों की पहचान और उनके बारे में विचार-विमर्श कर रहे हैं। प्रदेश के वन विभाग, पक्षी प्रेमियों और दूसरी संस्थाओं की ओर से शुरू किया गया यह प्रयास और प्रभावी तथा व्यापक बने, समाजवादी सरकार इसका पूरा ध्यान रखेगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बर्ड फेस्टिवल जैसे आयोजन से विपक्ष के लोग नाराज हो सकते हें। पक्षियों के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर चिड़ियां और मछलियां खत्म हो रही हैं तो समझ लेना चाहिए कि पर्यावरण और पानी में कहीं कुछ गड़बड़ हो रहा है।
पशु पक्षी कैसे आकर्षित होते हैं, इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से जुड़े एक प्रसंग का जिक्र किया जिसमें कलाम ने गिलहरी और पक्षियों को अपने पास बुलाने के लिए पेड़ लगाया था।
पर्यावरण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमने पर्यावरण को बचाने के लिए एक दिन में दस लाख पौध लगाकर विश्व रिकार्ड बनाया है। ऐसे ही यह भी चाहते हैं कि अगले एक दो सालों में ऐसी कोशिश की जाए कि हमारे यहां के बर्ड फेस्टिवल का भी दुनिया में रिकार्ड बने।
इस दौरान ब्रिटेन के पक्षी प्रेमी ने जब उन्हें अपने यहां के बर्ड फेस्टिवल में आने का न्योता दिया तो मुख्यमंत्री ने इसे सहर्ष स्वीकरते हुए कहा कि वह फेस्टिवल देखने जरूर जाएंगे, ताकि हम अपने यहां वहां से कुछ बेहतर कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे जितनी भी तरक्की हो जाए, पर जब तक पर्यावरण सही नहीं होगा, खुशहाली नहीं लाई जा सकती। इसीलिए हमारी सरकार इस दिशा में लगातार कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की गिनती छुट्टियों और उत्सवों के लिए ज्यादा की जाती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के लोगों को चाहिए कि वह अन्य उत्सवों की तरह बर्ड फेस्टिवल भी मनाएं। इसकी बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके समय की फिल्मों के गानों में प्यार मोहब्बत के लिए पक्षियों का उपयोग किया गया है। फिल्म मैंने प्यार किया का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इसके गाने में पक्षी के नाम का उपयोग बड़ी खूबसूरती से किया गया है। हमारी संस्कृति और ग्रंथों में भी पक्षियों की जीवन रक्षा का उल्लेख मिलता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री के यहां पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। आस्ट्रेलिया की एक पक्षी प्रेमी महिला ने उन्हें खुद की बनाई बड़ी सी पेंटिंग भेंट की। इस दौरान वन विभाग की ओर से तैयार की गई काफी टेबिल बुक का भी मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया।
कार्यक्रम को मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव बव संजीव सरन, पर्यावरण और पक्षी प्रेमी आरपी सिंह, पक्षी विशेषज्ञ विक्रम ग्रेवाल आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम में वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, राज्यमंत्री एसपी यादव, वन राज्यमंत्री पवन पाण्डेय, प्रमुख वन संरक्षक उमेंद्र शर्मा, मुख्य वन संरक्षक एसके उपाध्याय, वन संरक्षक प्रशांत वर्मा आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय रही।
दरअसल, यह उत्सव इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हो रहा है जो 6 दिसंबर तक चलेगा। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पक्षी विशेषज्ञ और पक्षी प्रेमी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें ब्रिटेन के डॉ. टिम परअल्स्ट्राम और जिम लॉरेंस, डॉ. मार्टिन केल्से, डॉ. पामेला रेसमुसेन, क्रे्रग जोन्स, डॉ. धनंजय मोहन, डॉ. असद रहमानी, बिक्रम ग्रेवाल, निखिल देवसार शामिल हैं। लोग प्रदेश में पाए जाने वाले पक्षियों पर मंथन करेंगे। चंबल सफारी में इस दौरान देश-विदेश के पक्षी भी देखने को मिल रहे हैं। इस क्षेत्र में अब तक 600 प्रजातियों के 35 हजार पखी देखे जा चुके हैं। पखी विशेषज्ञ इनकी संख्या में और इजाफा होने का संकेत भी दे रहे हैं।
अखिलेश बोले, आज चिड़िया देखो, चिड़ियों की बात करो
जरार (आगरा) : बाह क्षेत्र के जरार गांव के पक्षी विहार में पक्षियों की चीं-चीं और चहचहाहट के बीच पर्यावरण सुधार और उन्हें बचाने की बातें भले ही खुले मन से हुईं पर जहां सियासी लोग हों, वहां सियासत की बात न हो, यह कैसे हो सकता है। मौका था बर्ड फेस्टिवल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संबोधन के बाद मीडिया से मुलाकात का। मीडिया से घिरे मुख्यमंत्री ने जहां कई स्थानीय समस्याओं पर पूछे गए सवालों के जवाब बड़ी सहजता से दिए वहीं सियासी मामलों को टालते दिखे। जिद पर अड़े पत्रकारों ने आखिरकार उनसे कुछ बातें निकलवा ही लीं।
पत्रकारों ने अखिलेश यादव से पूछा कि क्या सपा कांग्रेस से कोई समझौता करने जा रही है, जैसा कि आपने कल कुछ जिक्र किया था, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमारे साथ सांसद रहे हैं। उनसे हमारे संबंध हैं। कल कुछ बात आई थी, उसका जवाब दे दिया। अब उस पर क्या कहना। आज आप लोग चिड़िया देखो और चिड़ियों की बात करो।
वैसे उनके हाव-भाव से लग रहा था कि मुख्यमंत्री इस सवाल को टालने के लिए जैसे पहले से ही मन बनाए बैठे हों। वह सवाल सुनते थे, मुसकुराते भी थे, पर जवाब देने के नाम पर चुप लगा जाते थे।
साभार - देशबन्धु


