प्रिया पिल्लई मामले में सुनवाई से पहले ग्रीनपीस करेगी आधिकारिक बयान का इंतजार
प्रिया पिल्लई मामले में सुनवाई से पहले ग्रीनपीस करेगी आधिकारिक बयान का इंतजार
नई दिल्ली। 12 फरवरी। मीडिया में प्रकाशित कुछ खबरों के अनुसार सरकारी अधिकारियों ने ग्रीनपीस कार्यकर्ता प्रिया पिल्लई की यात्रा पर लगे प्रतिबंध को देश की नकारात्मक छवि पेश करने के आधार पर जायज ठहराया है। इन खबरों में किसी अज्ञात अधिकारी ने कहा है कि ‘ग्रीनपीस और इसके कार्यकर्ताओं की इस तरह की यात्राओं को आगे भी प्रतिबंधित किया जा सकता है।‘ (1,2)
दिल्ली हाईकोर्ट में 18 फरवरी को प्रिया पिल्लई मामले की सुनवाई होगी जिससे पहले सरकार द्वारा अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ग्रीनपीस के कार्यकारी निदेशक समित आईच ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हमलोग कोर्ट में सरकार के आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा करेंगे। हालांकि अगर सरकार अपने अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर इतनी गंभीर है तो उसे अपने नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और आजादी की स्वतंत्रता को दबाने से पहले सोचना चाहिए, जैसा कि प्रिया पिल्लई के साथ हुआ। सरकार को वंचित आदिवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों और आजीविका की सुरक्षा के लिए बेहतर काम करना चाहिए, जिन्हें एक विनाशकारी और भ्रष्ट उद्योगों की वजहों से अपने जंगलों को छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।‘
प्रिया पिल्लई पर अपनी कार्रवाई को न्यायोचित ठहराने की सरकार की जिद उस समय सामने आयी है जब विख्यात विधिवेत्ता और पूर्व एडवोकेट जनरल सोली सोराबजी ने सरकार के निर्णय पर कहा है, इस तरह की कार्रवायी इस धारणा को जन्म देता है कि सरकार एक लोकतांत्रिक गणराज्य में अपनी आलोचना को दबाना चाहती है।


