प्रो. कलबुर्गी की हत्‍या के विरोध में
छात्रों-बुद्धिजीवियों का
मार्च व सभा
स्थान - बीएचयू गेट, लंका।
दिन व दिनांक - बुधवार, 09 सितम्बर 2015
समय - शाम 5 बजे।
नोट - भारी संख्या में शामिल होकर विरोध दर्ज करायें।
प्रख्यात लेखक और विचारक तथा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कन्नड़ साहित्यकार प्रो० एम.एम कलबुर्गी, जो कि कन्नड़ विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह चुके थे, हिन्दुत्ववादी-उग्रवादियों ने उनके घर में घुस कर गोली मारकर हत्या कर दी। यह बेहद ही कायराना हरकत है। साहित्यकार उदय प्रकाश ने इसके विरोध में साहित्य अकादमी पुरष्कार लौटने कि घोषणा की है।
फासीवादी ताकतों को प्रगतिशील विचारों से इतना डर है कि वह लगातर नरेंद्र दाभोलकर,गंटी प्रसादम, गोविन्द पानसरे और कलबुर्गी जैसे साहित्यकारों की निर्मम हत्याएं कर रहे हैं। यह आगे भी तब तक करते रहेंगे जब तक हम एकजुट होकर इनको उखाड़ न फेंके। या यह मान लें कि यह साहित्य और विचारों के अंत का दौर है। लेकिन इतिहास ने हमें दिखाया है कि इन शहादतों से विचार और मजबूत होते हैं। साहित्यकार और पैदा होते है।
शैलेश कुमार