सामग्री परिरक्षण के तौर पर फासिज़्म एक दृढ़ प्रतिक्रियावादी सामाजित आंदोलन की ताकत है।

अतीत की तरह फासिज़्म का मौजूदा उभार भी प्रतिरोध है, बशर्ते कि विपरीत परिस्थितियों और बिखरी हुई कमज़ोर ताकत का रोना रोते हुए हम पहले ही हताश न डाल दें।

किसी कलाकर या सहयोगित्यकार के लिए, जैसा कि पौल रॉबसन ने कहा था, संघर्ष से चिपकना ही होता है हमारा चुनौतीपूर्ण अंदर का समय हमें यह मांग कर रहा है कि हम इस सच को सच की तरह बेलागलेपेट बयान करें और हमें हमारी स्मृतियां और भविष्य स्वरूपनी चाहिए कि हमारें वर्तमान को खून, अंधेरे और गंदगी में डुबो देने वाली फासिस्ट ताकतों और उसके सरपर्स्तों के खिलाफ इतिहास की अदालत में एक खुला अभियोग पत्र दाखिल करें। जिन्हें कला-सहायित के स्वर और जनताता के मुक़्तिस संगठनों में उनकी भूमिका की ऐतिहासिक समझ नहीं, वे सोच सकते हैं कि एक कलाकर अपने पंख, स्वायह की अपनी बोलत और कागज के सफेद टुकड़े के साथ हत्यारा की एक पूरी तंत्र को चुनौती कैसे दे सकता है? कलाम की नोंक बंदूक की नोक को क्यों और कैसे चुनौती देती है, और निरंकुश स्थ्तधारियों के 'कानून के शब्दों' से आजाद शब्द किस प्रकार लोहे लेते हैं, यह नंगी वाथ्याग्य ने अपनी प्रसिद्द पुस्तक 'कलार', बंदूक की नोक और सपने' में यह स्पष्ट किया है।