नई दिल्ली। 'अच्छे दिनों' के इंतजार में व्याकुल जनता अभी पेट्रोल-डीज़ल पर मोदी सरकार के कड़वे फैसले का स्वाद भूली भी नहीं थी कि फिर से एक बार सरकार ने बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम बढ़ाते हुए जनता के ऊपर महंगाई का करारा वार किया है उधर लखनऊ से लेकर बेंगलुरू तक इस मूल्य वृद्दि के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी।
पेट्रोल और डीजल के बाद अब बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम भी बढ़ गए हैं। अब आपको साल का 13वां सिलेंडर तय कीमत से 16.50 रुपये ज्यादा का मिलेगा। दिल्ली में इसकी कीमत अब 922.50 रुपये हो जाएगी।
इराक के खराब हालात का बहाना बनाते हुए जेट फ्यूल की कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं।
गौरतलब है कि यूपीए सरकार ने साल में सब्सिडी वाले 12 सिलेंडर देने का नियम बनाया था, जो दिल्ली में 414 रुपये में उपलब्ध है।
उधर डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ देश भर में प्रदर्शनों का दौर जारी है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं ने इस वृद्धि के खिलाफ अभिषेक यादव, योगेश यादव व असित यादव के नेतृत्व में केंद्र सरकार के उपक्रम रेलवे को निशाना बनाते हुए प्रदर्शन किया और रेल यातायात को बाधित किया। लखनऊ में ही भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने इस मूल्य वृद्धि के खिलाफ विधानसभा के सामने प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। बेंगलुरू में भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा मूल्य वृद्धि के विरुद्ध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं।
दूसरी ओर महंगाई पर बड़ी मासूमियत के साथ सफाई देते हुए खाद्य-उपभोक्‍ता मंत्री रामविलास पासवान ने जमाखोरी को इसकी बड़ी वजह बताया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त अनाज है और महंगाई कम करने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। 4 जुलाई को मामले में बैठक बुलाई गई है। पासवान ने कहा कि कमजोर मानसून की अफवाह फैलाकर जमाखोरी हो रही है।