फिलस्तीन भूमि पर इजराइली कब्जे की भर्त्सना
फिलस्तीन भूमि पर इजराइली कब्जे की भर्त्सना
भारत के विभिन्न संगठनों ने फिलस्तीन भूमि पर इजराइली कब्जे की भर्त्सना की
नई दिल्ली। भारत-फिलस्तीन मैत्री समिति और एकता समिति ने भारत के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक समूहों के सहयोग से यहां जंतर मंतर पर नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्यालय में एक बैठक में इजरायल द्वारा फिलस्तीनी क्षेत्रों पर कब्जे के बाद पैदा हुई स्थिति का विश्लेषण किया, जिससे उसकी भौगोलिक और नागरिक अधिकारों का खतरा पैदा हो गया। इस बैठक का नेतृत्व भारत-फिलस्तीन मैत्री समिति कार्यकारी चेयरमैन प्रो.भीमसिंह ने किया, जिनके दो दशक तक फिलस्तीनी हीरो यासिर अराफात के नजदीकी सम्बंध रहे हैं।
बैठक का नेतृत्व करते हुए प्रो. भीमसिंह ने फिलस्तीनियों के खिलाफ इजराइली रणनीति और अपराधिक कार्रवाई की भर्त्सना की। उन्होंने कहा कि फिलस्तीनियों को उनके घर से निकाला जा रहा है और उनकी जमीन पर कब्जा जा रहा है।
पैंथर्स सुप्रीमो ने फिलस्तीन के अंदरूनी मामलों में इजराइली हस्तक्षेप पर भारत सरकार की खामोशी पर आश्चर्य प्रकट किया। उन्होंने अमेरिका की यहूदी लाॅबी, यहूदी सरकार पर गैरकाूननी समर्थन देने का आरोप लगाया।
प्रो.भीमसिंह ने कहा कि राष्ट्रसंघ को फिलस्तीन को सदस्यता देनी चाहिए, जिस प्रतिबद्धता का इजहार अमेरिका और फिलस्तीन के नेताओं के सामने 1993 में वाशिंग्टन में किया गया था। उन्होंने फिलस्तीनी सरकार के राज्य बनाने और इजराइल द्वारा कब्जे किये गये फिलस्तीन के सभी क्षेत्रों को खाली करने की मांग की। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि भाजपा के प्रधानमंत्री वाली भारत सरकार यह नहीं भूलेगी कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समय से ही फिलस्तीन के सम्बंध राष्ट्रसंघ प्रस्तावों को लागू करने का समर्थन करता रहा है। फिलस्तीनी राज्य बनाना पूरी दुनिया में शांति और मानव गौरव के लिए जरूरी है।
फिलस्तीन मैत्री समिति फिलस्तीन को राज्य का दर्जा देने के समर्थन में 28 जनवरी, 2016 को नई दिल्ली, जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेगी।


