बकोरिया कांड के तीन साल बाद पुलिस की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, हाईकोर्ट ने सीबीआ जांच के दिये आदेश

रांची से विशद कुमार

आठ जून 2015 को पलामू के बकोरिया में हुए कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामले की अंतिम जांच प्रतिवेदन पुलिस मुख्यालय ने सीआईडी एडीजी से मांगा है। इस संबंध में मुख्यालय के लीगल मामलों के इंचार्ज ने सीआईडी को पत्र भेजा है। इसमें बकोरिया कांड की सीआईडी द्वारा किये गये अंतिम जांच प्रतिवेदन के अलावा मामले में हाइकोर्ट द्वारा दिये गये सीबीआई जांच संबंधी आदेश की सत्यापित कॉपी निकालकर देने की मांग भी की है।

बताया जा रहा है कि बकोरिया कांड का अंतिम जांच प्रतिवेदन और हाइकोर्ट के आदेश की समीक्षा के बाद पुलिस मुख्यालय मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। उधर, बकोरिया मामले में हाइकोर्ट द्वारा दिये गये सीबीआई जांच की सत्यापित कॉपी स्थानीय सीबीआई द्वारा नयी दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय को भेज दी गयी है।

पुलिस मुख्यालय ने सीआईडी से मांगी बकोरिया कांड की रिपोर्ट

रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी

हाइकोर्ट के आदेश की सत्यापित कॉपी भी मांगी गयी है

स्थानीय सीबीआई ने दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजी है रिपोर्ट

15 नवंबर के बाद ही सीबीआई दर्ज करेगी केस

सीबीआई में मचे घमसान का असर बकोरिया कांड पर भी दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के वर्तमान अस्थायी निदेशक नागेश्वर राव द्वारा 15 नवंबर तक सिर्फ रूटीन काम ही किया जाना है। ऐसे में मामले में प्राथमिकी और अनुसंधानकर्ता की नियुक्ति अभी वे कर सकते हैं अथवा नहीं, इस पर भी शायद प्रभाव पड़ सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने बकोरिया कांड में हाइकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के लिए दिये गये फैसले का स्वागत किया, वहीं उन्होंने पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की।

वहीं झाविमो सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि "दोषी व दागी अधिकारियों को दंडित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन झारखंड में दोषियों को सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है।"

उन्होंने कहा कि "प्रदेश में डीजीपी, एडीजी सहित सीएस रहीं राजबाला वर्मा जैसे तीन शीर्ष अधिकारियों से जुड़ा मामला सामने आया, मगर सरकार ने कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा।"

मरांडी ने कहा कि "डीजीपी सवालों के घेरे में हैं और मुख्यमंत्री रघुवर दास के पास गृह मंत्रालय है।"

उन्होंने सवाल उठाया कि "एमवी राव ने डीजीपी पर जब जांच धीमा करने का दबाव बनाने का सार्वजनिक आरोप लगाया, तब सीएम सह गृह मंत्री ने क्या कार्रवाई की? सरकार द्वारा अदालत में जो भी एफिडेविट दायर किया गया है, उससे यह साफ है कि ये सभी मामले गृह विभाग से होकर ही गुजरा होगा।"

भाकपा माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने बकोरिया कांड में हाइकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच का आदेश दिये जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए घटना की हाइकोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में जांच कराने की मांग की है।

कामरेड प्रसाद ने कहा कि "आठ जून 2015 को झारखंड पुलिस के आला अधिकारियों ने योजनाबद्ध ढंग से उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के साथ मिलकर कई मासूम बच्चों की हत्या कर दी थी।"

बता दें कि हाई कोर्ट का फैसला आते ही डीजीपी डी.के. पांडेय छुट्टी पर चले गये हैं। दूसरी तरफ इस मामले में झारखंड पुलिस ने कुछ भी कहने से इंकार किया है।

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