बरसन लागे बदरिया रूम झूम के...
बरसन लागे बदरिया रूम झूम के...
पंडित डॉ. परमानंद के कबीर गायन से स्त्रोता हुए मुग्ध
वर्धा 21 जुलाई। बरसन लागे बदरिया रूम झूम के... गुरू ने पठाया चेला, लाना झोली भरके... जैसे गीतों के माध्यम से विख्यात गायक पंडित डॉ. परमानंद ने स्त्रोताओं को मुग्ध कर दिया। निमित्त था पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कोलकाता द्वारा आयोजित लोक उत्सव परिक्रमा के अंतर्गत कबीर गायन का।
रविवार की शाम को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के हबीब तनवीर सभागार में पंडित डॉ. परमानंद ने कबीर की रचनाओं को अपने मधुर आवाज से प्रस्तुत कर समां बांधा।
पंडित डॉ. परमानंद ने कबीर की रचनाएं प्रस्तुत कर स्त्रोताओं की तालियां बटोरी। छ: दिवसीय लोक उत्सव परिक्रमा के अंतर्गत रविवार का दिन हिंदी विश्वविद्यालय को समर्पित रहा। रिम झिम बारिश के बीच विभिन्न राज्यों से आये 300 कलाकारों ने लोकगीत एवं लोकसंगीत प्रस्तुत कर छात्रों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कलाकारों ने आसमा का बिहु, पंजाब का गिद्धा, गुजरात का भवरी, महाराष्ट्र की लावणी, जम्मू–कश्मीर का डोगरी, मध्यप्रदेश का करमा, राजस्थान का कटपूतली, बिहार का कजरी, आंध्रप्रदेश का कोया आदि नृत्य प्रस्तुत किए। इन कलाकारों के नृत्य और संगीत से पूरा परिसर ‘लोक’ मय हुआ था।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र, कार्य परिषद की सदस्य वरिष्ठ आलोचक प्रो. निर्मला जैन, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के प्रधानमंत्री प्रो. अनंतराम त्रिपाठी, पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. ओमप्रकाश भारती, आवासीय लेखक अरूणेश नीरन आदि प्रमुखता से उपस्थित थे।


