गुजरात में बदल सकते थे परिणाम

16 सीटों पर बाल-बाल बचे विजेता उम्मीदवार

बीएसपी ने करवाया बीजेपी का फायदा

गुजरात में 99 सीट जीत कर बीजेपी भले ही इतरा ले लेकिन सच तो यही है कि कांग्रेस ने बीजेपी के किले की नींव को अंदर तक हिला दिया है। जिसकी वजह से बीजेपी ने अपनी कई बड़ी सीटें गंवा दी हैं। यहां तक कि.. सौराष्ट्र में भी कांग्रेस ने बीजेपी को पछाड़ दिया है। कई सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच मतों का अंतर काफी कम रहा है। जिसकी वजह बीएसपी औऱ एनसीपी जैसी पार्टियां मानी जा रहीं है... नहीं तो इन सीटों पर भी कांग्रेस की जीत होती। औऱ शायद आज परिणाम कुछ और होते।

गुजरात में बीजेपी छठी बार सरकार बनाने जा रही है लेकिन इस चुनाव में कई सीटों पर काफी रोचक मुकाबला देखने को मिला। इन सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों को दांतों तले अंगुलियां दबाने के लिए मजबूर होना पड़ा। कुछ सीटों पर तो जीत हार का अंतर लगभग 200 मतों का था।

जानकारों की माने तो इसमें कोई दो राय नहीं की कांग्रेस ने अपने मत प्रतिशत में इजाफे के साथ ही सीटों में भी इजाफा किया है। वहीं जिन सीटों पर कांग्रेस औऱ बीजेपी उम्मीदवारो में कांटे की टक्कर देखी गई, वहां कहीं ना कहीं बीएसपी और एनसीपी जैसी पार्टियों की वजह से वोट शेयर हुए। जिसका फायदा बीजेपी को मिला है।

गुजरात में ऐसी 16 सीटें है जहां परिणाम बदल सकत थे। हिमतनगर, पोरबंदर, विजापुर, देवदार, डांग, मानसा और गोधरा जैसी विधानसभा सीटों पर बीजेपी को कांटे की टक्कर का सामना करना पड़ा। ढोकला और फतेपुरा जैसी सीटों में बीजेपी को बीएसपी और एनसीपी जैसी पार्टियों ने काफी फायदा पहुंचाया। इन पार्टियों ने कांग्रेस के वोटर्स को शिफ्ट करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बीजेपी को इसका फायदा मिला।

ढोकला में बीजेपी ने 71530 वोट्स हासिल किए तो वहीं कांग्रेस ने यहां 71203 मत पाए। केवल बीएसपी और एनसीपी जैसी पार्टियों ने ही बीजेपी को फायदा नहीं पहुंचाया, बल्कि निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कांग्रेस के वोट काटने का काम किया।