बादलों की गडग़ड़ाहट से सहम जाते हैं चंडीकोटला गांव के लोग
बादलों की गडग़ड़ाहट से सहम जाते हैं चंडीकोटला गांव के लोग
सारी रात जाग कर बिता रहे है ग्रामीण,
मुआवजा मिलने की इंतजार में है चंडीकोटला के लोग।
कमलजीत अविनाशी
चंडीगढ़। अंबाला-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग नं०-22 चंडीकोटला गांव के लोग आसमान पर बादलों की गडग़ड़ाहट सुनकर सहम जाते हैं, जबकि गांव के लोग सारी रात जाग कर बिताने को मजबूर हैं क्योंकि चंडीकोटला गांव के लोग अपने परिवार सहित छोटे छोटे बच्चों के साथ मोटी मोटी दरार पड़ चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं।
चंडीकोटला गांव में प्राकृतिक आपदा के कारण दर्जनों घर गिर चुके हैं क्योंकि गांव की जमीनों में गत तीन साल पहले बरसात के दिनों में अचानक मोटी-मोटी दरारें पडऩी शुरु हो गई थीं जिसके बाद एक के बाद एक घर गिरने का सिलसिला शुरु हो गया था। ग्रामीणों ने हरियाणा सरकार से कई बार लिखित में शिकायत कर अन्य जगहों पर बसाने की दर्जनों बार गुहार लगाई, लेकिन ग्रामीणों की सभी गुहारें बेअसर साबित हुई हैं। इसके अलावा मुआवजा राशि की मांग की, मगर अभी तक उन्हे मुआवजा राशि तक नहीं मिली। हालांकि यहां पर जिला प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने घटना स्थल का निरिक्षण भी किया। यहां पर जिला उपायुक्त, विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेतागण आए कोरे आश्वासन दिए ओर चलते बने मगर किसी ने भी मुआवजा राशि या अन्य जगहों पर गावं के लोगों को बसाने की कोशिश तक नहीं की जिस कारण गांव के लोगों ने आने वाले विधानसभा चुनावों का पूरी तरह से बॉयकाट करने का फैसला भी ले रखा है।
गत दिनों चंडीकोटला गांव के लोगों ने हाइवे के किनारे पर जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन भी शुरू किया था। धरने का नेतृत्व नगर निगम वार्ड नं०-6 की पार्षद सीमा देवी और पूर्व सरंपच योगेन्द्र ठाकुर के साथ ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया था ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा के समक्ष ज्ञापन पत्र भी दिया था, मगर उन्हें अभी तक सरकार द्वारा कहीं भी बसाया नहीं जा सका है, ना ही उन्हे मुआवजा राशि प्रदान की गई है। गांव के लोग बारिशों के दिनों में जाग जाग कर रात काटने को मजबूर हो चुके हैं।
चंडीकोटला गांव के निवासी शबीना, प्रोमिला रानी, कृष्णा देवी, संतोष रानी ने हरियाणा सरकार को कोसते हुए कहा कि अब तो सिर्फ भगवान का सहारा है उसी के सहारे जी रहे हैं, लेकिन विधानसभा चुनावों का जरूर बहिष्कार करेंगे और गांवों में जो भी पार्टी का नेता आएगा उसे गांव से बाहर भगाने का काम करेंगे। बरसात के दिनों में यदि जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार जल्द ना जागा तो इन दिनों चल रही बारिशों के कारण यहां एक बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।


