बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपियों को बचा रही सीबीआई – रिहाई मंच
बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपियों को बचा रही सीबीआई – रिहाई मंच
बाबरी मस्जिद विध्वंस प्रकरण - रिहाई मंच ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
नई दिल्ली 01 अप्रैल 2015। रिहाई मंच ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपी लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंहल समेत बीस लोगों को नोटिस जारी करने का स्वागत करते हुए पूर्व में हुई सीबीआई जांच में आरोपियों को क्लीन चिट दिए जाने पर सवाल उठाया है।
रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने के बाद, यह सवाल एक बार फिर से पैदा होता है कि आखिर किसके इशारे पर सीबीआई द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस के इन गुनहगारों को क्लीन चिट दी गई थी। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से पिछले दिनों सीबीसीआईडी ने हाशिमपुरा जनसंहार मामले में गलत विवेचना कर दोषियों को बचाया, ठीक उसी भूमिका में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई है। ऐसे में देश में न्याय व्यवस्था के समक्ष जांच एजेंसियां ही चुनौती बन गई हैं जो इंसाफ के खिलाफ और नाइंसाफी के पक्ष में सिर्फ विवेचना ही नहीं करती बल्कि सबूतों को मिटाने का भी काम करती हैं।
रिहाई मंच के नेता राजीव यादव ने मोदी सरकार द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस के वक्त देश के प्रधानमंत्री रहे नरसिम्हा राव का स्मारक बनाने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एक ऐसा व्यक्ति, जो बाबरी मस्जिद विध्वंस के आपराधिक षड़यंत्र में सीधे संलिप्त रहा हो, उसका स्मारक बनाने का सीधा मतलब देश के सेक्युलर ढांचे पर एक हमला होगा। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि संघ सत्ता में आने के बाद, बाबरी विध्वंस के मामले में राव द्वारा संघ के प्रति दिखाई गई वफादारी को पुरस्कृत करने के लिए मोदी सरकार द्वारा स्मारक बनाया जा रहा है।


