बाबा साहब व डॉ. लोहिया का लक्ष्य एक था – शिवपाल सिंह यादव
बाबा साहब व डॉ. लोहिया का लक्ष्य एक था – शिवपाल सिंह यादव
बाबा साहब व डॉ. लोहिया का लक्ष्य एक था – शिवपाल सिंह यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि बाबा साहब व डॉ. लोहिया का लक्ष्य एक था, दोनों भारत को आजाद कराकर देश में शोषण विहीन समतामूलक समाजवादी समाज की स्थापना करना चाहते थे।
श्री यादव आज यहाँ बाबा साहब भीमराव रामजी सकपाल (अम्बेडकर) के परिनिर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर समाजवादी चिन्तक, सपा प्रवक्ता व प्रदेश सचिव दीपक मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘लोहिया-अम्बेडकर व समाजवाद’’ की द्वितीय संस्करण का विमोचन करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अम्बेडकर के बाद लोहिया ने उनके ‘‘अस्पृश्यता निवारण‘‘ व ‘‘जाति विहीन’’ समाज अभियान को आगे बढ़ाया।
बाबा साहब बट्रैंड़ रसेल, लास्की जैसे वैश्विक समाजवादियों से प्रभावित थे और उन्होंने यूरोप की लेबर पार्टी के तर्ज पर भारत में इंडिपेण्डेट लेबर पार्टी का गठन किया था। 7 अगस्त 1937 को बाबा साहब की अुगवाई में सिंचाई दर को आधा करने की मांग की गई थी। आबपाशी (सिंचाई-दर) बढ़ाने के खिलाफ लोहिया ने 1954 में सत्याग्रह का आह्वान किया जिसमें नेताजी मुलायम सिंह यादव ने गिरफ्तारी दी थी।
सपा ध्यक्ष ने कहा कि जब 2012 में समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश में सरकार बनी तो सबसे पहले नहरों के पानी पर सिंचाई हेतु लगने वाला कर समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया के कहने पर ही समाजवादी चिन्तक मधु लिमए व समाजवादी पार्टी के महासचिव मोहन सिंह ने बाबा साहब पर पुस्तक लिखी।
नेताजी ने पहली बार में अम्बेडकर ग्राम विकास योजना चलाई
उन्होंने कहा कि नेताजी ने पहली बार 1991 में अम्बेडकर ग्राम विकास योजना चलाई, ताकि बाबा साहब की सोच के अनुरूप गांवों का समग्र विकास हो। नेताजी ने अम्बेडकर की विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए अम्बेडकर महासभा को भवन आवंटित किया था और संविधान निर्माता बाबा साहब के नाम पर विधान सभा मार्ग का नामकरण किया।
देश का भला सिर्फ पंथनिरपेक्षता व सोशलिज्म से संभव
श्री यादव ने कहा कि बाबा साहब ‘‘राज्य समाजवाद’’ के सबसे बड़े पैरोकारों में अग्रणी थे। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती को बाबा साहब की अवधारणाओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अम्बेडकर के मिशन को राजनीतिक व्यवसाय में बदल कर अम्बेडकर विचारधारा को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया है। समाजवादी ही बाबा साहब सपनों को पूरा कर रहे हैं। देश का भला सिर्फ पंथनिरपेक्षता व सोशलिज्म से संभव है जिसके प्रणेता डॉ. अम्बेडकर व डॉ. लोहिया सदृश राजनीतिक ऋषि है।
बाबा साहब होते तो आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरूद्ध पूरे देश में आंदोलन की अगुवाई कर रहे होते
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव व प्रवक्ता दीपक मिश्र ने कहा बाबा साहब का नाम लेकर प्रधानमंत्री जी, संघ व भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्तागण जनता को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। नोटबंदी करने के बाद कहा गया कि बाबा साहब ने नोटबंदी की सिफारिश की थी। सच्चाई यह है कि बाबा साहब होते तो आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरूद्ध पूरे देश में आंदोलन की अगुवाई कर रहे होते।
श्री मिश्र ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने ‘द प्राब्लम आफ रूपी’’ में अक्टूबर 1922 में विमुद्रीकरण की पैरवी उस दशा में की थी जब मुद्रा चलन में कम हो। उस समय वस्तु विनिमय प्रणाली अधिक थी जबकि वर्तमान में जिस तरीके से नोटबंदी की गयी उससे रूपया और मुद्रा प्रणाली की साख को आघात पहुंचा है। मोदी जी बाबा साहब का उल्लेख कर कई बार जनता को दिग्भ्रमित कर चुके हैं।
इस अवसर पर सपा के वरिष्ठ नेता बाबू भगवती सिंह, युवा दलित नेता व विधायक विजय पासवान, लुआक्टा अध्यक्ष डॉ. मनोज पाण्डेय, उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष प्रो सत्य नारायण सचान, प्रदेश कार्य समिति सदस्य अभय यादव समेत कई समाजवादी व बुद्धिजीवी मौजूद रहे।


