बिजली इंजीनियरों ने मेरठ मुख्यालय पर किया धरना एवं सामूहिक सत्याग्रह
बिजली इंजीनियरों ने मेरठ मुख्यालय पर किया धरना एवं सामूहिक सत्याग्रह
केन्द्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी शामिल हुए
अगले चरण में 10 अक्टूबर को वाराणसी मुख्यालय पर होगा विशाल धरना एवं सत्याग्रह
मेरठ। कॉमन कैडर बनाये रखने सम्बन्धी शासनादेश जारी किये जाये, विभागीय विद्युत सुविधा (एल0एम0वी0-10) को टैरिफ प्रस्ताव से बाहर किये जाने, सहायक अभियन्ताओं की ग्रेड पे-6600 करने, सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण करने, बिजली अभियन्ताओं को सरकारी सुरक्षा प्रदान करने, ऊर्जा क्षेत्र का प्रबन्धन बिजली इंजीनियरों को सौंपने, उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार नये पदों का सृजन करने, ऊर्जा निगमों में सभी स्तर के रिक्त पदों पर अविलम्ब भर्ती करने, मौजूदा बिजली संकट से निपटने के सुझावों हेतु वर्तमान ऊर्जा नीति की समीक्षा हेतु विशेषज्ञों की समिति गठित करने समेत अन्य मांगों के समर्थन में विद्युत अभियन्ता संघ के आह्वान पर ऊर्जा निगमों के बिजली इन्जीनियरों के चल रहे आन्दोलन के सम्बन्ध में टकराव टालने हेतु दिनांक 31 अक्टूबर को पारेषण के निदेशक (कार्मिक) से समझौता वार्ता हुई थी परन्तु निर्देशक के असहयोगात्मक, नकारात्मक एवं अडि़यल रवैय्या अपनाने से क्षुब्ध अभियन्ताओं ने वार्ता का बहिष्कार कर आन्दोलनात्मक कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की थी। उसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने आन्दोलन को और व्यापक करते हुए आज दिनांक 07 नवम्बर को मेरठ में पश्चिमांचल डिस्कॉम मुख्यालय पर बिजली इंजीनियरों ने विशाल धरना-प्रदर्शन एवं सामूहिक सत्याग्रह किया गया जिसमें नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, आदि क्षेत्रों में तैनात पारेषण एवं वितरण के सैकड़ों अभियन्ताओं के साथ केन्द्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।
सामूहिक सत्याग्रह के दौरान अभियन्ताओं ने अपनी लम्बे समय से लम्बित माँगों के प्रति कारपोरेशन के उदासीन रवैय्ये पर रोष एवं आक्रोश व्यक्त किया एवं संकल्प किया कि अपनी माँगों के पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
विद्युत अभियन्ता संघ के अध्यक्ष इं0 आर0के0 सिंह तथा महासचिव डी0सी0 दीक्षित ने आज जारी बयान में बताया कि दिनांक 15 अक्टूबर को सम्पन्न केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिये गये निर्णय कि यदि कारपोरेशन प्रबन्धन अभियन्ताओं की लम्बित मांगों पर दीपावली से पहले सार्थक कदम नहीं उठाता है तो प्रदेश के समस्त विद्युत अभियन्ता 28 अक्टूबर से आन्दोलन करने को बाध्य होंगे जिसके तहत विभिन्न वितरण निगमों तथा ताप विद्युत गृहों पर विशाल धरना एवं सत्याग्रह किये जायेंगें। आन्दोलन के तृतीय चरण में आज दिनांक 07 नवम्बर को पश्चिमांचल मुख्यालय मेरठ पर विशाल धरना प्रदर्शन एवं सत्याग्रह आयोजित किया गया है एवं अगले चरण में दिनांक 10 नवम्बर को वाराणसी डिस्कॉम मुख्यालय पर विशाल धरना एवं सामूहिक सत्याग्रह किया जायेगा। पूर्व के दो चरणों में दिनांक 28 अक्टूबर को केस्को मुख्यालय पर तथा 30 अक्टूबर को ओबरा एवं अनपरा ताप विद्युत गृहों पर सत्याग्रह किये जा चुके हैं।
अभियन्ता पदाधिकारियों ने बताया कि कतिपय लोग अभियन्ताओं को परेशान करने एवं सरकार को गुमराह कर ऊर्जा क्षेत्र में टकराव पैदा करना चाह रहे हैं। प्रमुख सचिव (ऊर्जा), अध्यक्ष पावर कारपोरेशन एवं पारेषण कारपोरेशन द्वारा दी गयी सहमति एवं आश्वासन के बावजूद मुख्यालय में बैठे कुछ लोगों द्वारा कॉमन कैडर समाप्त करने की साजिश की जा रही है जिसका पुरजोर ढंग से विरोध किया जायेगा। इसी प्रकार नियामक आयोग अधिकारातीत एवं असंवैधानिक कार्यवाही करते हुए विद्युत कर्मचारियों को दी जा रही विभागीय सुविधा को समाप्त किये जाने की साजिश कर रहा है, जिस हेतु निर्णायक संघर्ष किया जायेगा। जिसकी शुरूआत केस्को मुख्यालय पर सत्याग्रह से शुरू हो चुकी है।
उन्होंने मांग की कि विद्युत विभाग के कार्मिकों को अन्य विभागों के समान विभाग द्वारा प्रदान की जा रही विद्युत सुविधा को नियामक आयोग को भेजे जाने वाले टैरिफ प्रस्ताव से बाहर किया जाये तथा ऊर्जा क्षेत्र में टकराव टालने हेतु प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं अध्यक्ष पावर कारपोरेशन से हस्तक्षेप करें।
आज मेरठ मुख्यालय पर हुए विशाल धरना एवं सामूहिक सत्याग्रह में मुख्यतया आर0के0 सिंह, डी0सी0 दीक्षित, बी0पी0 सिंह, अंकुर भारद्वाज, दिनेश अग्रवाल, डी0एन0 शर्मा, राज सिंह, राजीव कुमार सिंह, डी0के0 त्यागी, सुशील गर्ग, एस0एम0 मित्तल, सुबोध शर्मा, सुरेश प्रजापति, बी0एम0 शर्मा, आस्तिक आत्रे, डी0के0 जैन, सचिन, राजीव जैन, विजय पाल, कृष्णा सारस्वत आदि सम्मिलित हुए।


