बिजली संकट भ्रष्टाचार की देन
बिजली संकट भ्रष्टाचार की देन
बिजली दर वृद्धि में हुआ है घोटाला
आइपीएफ संयोजक अखिलेन्द्र के उपवास का दूसरा दिन
लखनऊ 11 जून। आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में लगातार बिजली कटौती और बिजली दरों में वृद्धि का जो संकट पैदा हुआ है उसकी मूल वजह भ्रष्टाचार और बिजली विभाग में मची लूट है। उन्होंने अनपरा और ओबरा का उदाहरण देते हुये बताया कि प्रदेश की सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत उत्पादन करने वाली इकाइयाँ कमीशनखोरी और ठेकेदारी प्रथा के कारण अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप उत्पादन नहीं कर पा रही हैं। वे जन अधिकार अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में कानून के राज (Rule of Law) की स्थापना के लिये ऑल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट 10 दिवसीय उपवास के दूसरे दिन उपवासस्थल पर हुयी सभा को सम्बोधित कर रहे थे।
सभा में प्रदेश में व्याप्त बिजली संकट और सरकार द्वारा बिजली दरों में की गयी वृद्धि पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। वक्ताओं ने प्रदेश में व्याप्त बिजली संकट को भ्रष्टाचार की देन बताया और कहा कि बिजली दरों में हुयी वृद्धि में बड़ा घोटाला हुआ है।
आज उपवास का समर्थन करने भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी समेत तमाम जनान्दोलन की ताकतें उपवास स्थल पर पहुँची।
उपवास पर बैठे आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बिजली विभाग में बीस-बीस साल से एक ही जगह काम करने वाले मजदूरों को सम्विदा श्रमिक के बतौर रखा गया है। इनके ठेकेदार बदल जाते हैं पर मजदूर नहीं, मात्र कमीशनखोरी के लिये बिचैलिये के बतौर ठेकेदार रखे गये हैं। इन मजदूरों के नियमितिकरण के लिये हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी न तो पूर्ववर्ती मायावती सरकार ने और न ही वर्तमान सरकार ने इन मजदूरों को नियमित किया।
अखिलेन्द्र के उपवास का समर्थन करने आये राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद् के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश में बिजली दरों की बढ़ोत्तरी में हुये घोटाले पर बात रखते हुये बताया कि बिजली दरों के निर्धारण में राज्य विद्युत नियामक आयोग और पॉवर कॉरपोरेशन ने एक ही सलाहकार की नियुक्ति कर बिजली दरों को बढ़ाकर जनता पर बोझ लाद दिया गया साथ ही दरों की वृद्धि के साथ ही टैक्स भी थोप दिया गया। उन्होंने कहा कि पॉवर कॉरपोरेशन के घाटे की बात भी बेईमानी है क्योंकि 25 हजार करोड़ का घाटा दिखाया जा रहा है जबकि 27 हजार करोड़ से भी ज्यादा बकाया है जिसमें से नौ हजार करोड़ सरकार के विभागों पर बकाया है यदि इसकी ही वसूली हो जाये तो घाटा खत्म हो जायेगा। इतना ही नहीं आज की गयी बिजली दरों में वृद्धि से सरकार को चार हजार करोड़ रूपये प्राप्त होंगे और यदि सरकार अपने बकाये का आधा भी दे दे तो जनता पर लादे दर वृद्धि इस बोझ की कोई जरूरत नहीं रह जायेगी।
उपवास में सैकड़ों की संख्या में मलिहाबाद से उन ग्रामीणों ने हिस्सेदारी की जिन पर फर्जी बिजली चोरी के मुकदमे कायम कर रिकवरी की कार्रवाही की जा रही है। इन ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुये पूर्व मन्त्री और राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव का0 कौशल किशोर ने कहा कि जिन ग्रामीणों के घरों में बिजली का कनेक्शन ही नहीं है उनको बिजली चोरी का गुनाहगार बना दिया गया और सही मायने में बिजली चोरी करने वाले खुले आम घूम रहे हैं।
उपवासस्थल पर हुयी सभा को सम्बोधित करते हुये पूर्व सांसद इलियास आजमी ने कहा कि कॉरपोरेट जगत के मुनाफे के लिये बिजली क्षेत्र के निजीकरण को करने में सरकार लगी है। जबकि खुद सीएजी ने प्रदेश में आगरा के निजीकरण के पूर्ववर्ती सरकार की कार्रवाही पर कहा था कि इससे प्रदेश को हजारों करोड़ का धाटा होगा।
उपवासस्थल पर आज सीपीएम राज्य सचिव का0 एसपी कश्यप के साथ जनसंगठनों के नेता खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश महामंत्री बीएल भारती, सीआईटीयू के प्रदेश अध्यक्ष का0 आरएन बाजपेई, राज्य महामंत्री का0 प्रेमनाथ राय, डीवाईएफआई के प्रदेश सचिव राधेश्याम वर्मा, एसएफआई के प्रदेश सचिव अखिल विकल ने आकर समर्थन दिया।
उपवास पर हुयी सभा को राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल के सचिव लाल देवेन्द्र सिंह चौहान, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक नेता अनिल सिंह, मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के महामन्त्री ओकांर सिंह, आइपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी, ठेका मजदूर यूनियन के महामन्त्री हरीमोहन शर्मा ने भी सम्बोधित किया। सभा का संचालन आइपीएफ प्रदेश प्रवक्ता अजीत सिंह यादव ने किया।


