बीएस-4 पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय
बीएस-4 पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब समाजवादी पार्टी एक बार फिर अपने कुनबे को मजबूत कर रही है, ताकि आने वाले चुनावों में वो बीजेपी को कड़ी टक्कर दे सके। इसी के तहत आज बीएसपी के बड़े नेता रहे पूर्व मंत्री आरके चौधरी के साथ ही स्वामी ओमवेश ने अखिलेश यादव की मैजूदगी में सपा का दामन थाम लिया।
दरअसल लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि बीएसपी के बागी आरके चौधरी जल्द ही सपा को अपना सियासी ठिकाना बना सकते हैं औऱ आज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आर के चौधरी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। वहीं इस मौके पर स्वामी ओमवेश और पूर्व सांसद राम शंकर भार्गव ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सपा में शामिल होने के बाद आरके चौधरी ने कहा कि आगमी 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
आपको बता दे कि बीएसपी के कद्दावर नेता रहे आरके चौधरी कांशीराम के भरोसेमंद रहे लेकिन 2016 में बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री रहे आरके चौधरी ने बीएसपी प्रमुख मायावती पर विधानसभा चुनाव के टिकट नीलाम करने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी... औऱ आरोप लगाया था कि मायावती ने बाबा साहब और बसपा संस्थापक कांशीराम के आदर्शो से किनारा कर लिया है और वह सिर्फ दौलत कमाने में लग गयी हैं। आरके चौधरी ने कहा था कि बीएसपी में घुटन महसूस कर रहे थे, इसलिये अब वह इसे छोड़ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बहुजन समाज स्वाभिमान संघर्ष समिति यानी बीएस-4 पार्टी बनाई थी।
गौरतलब है कि चौधरी यूपी के पासी समाज पर मजबूत पकड़ रखते हैं और सपा में आने के बाद निश्चित तौर पर पार्टी को दलित समाज में गैर जाटव चेहरे का एक बड़ा नेता मिला है।
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