“बुआ” का समाजवादी “बबुआ” पर पलटवार, हाथी सपनों में भी परेशान करते हैं
‘Babua’ Akhilesh Yadav giving free publicity to BSP symbol: Mayawati
लखनऊ, 7 दिसंबर। समाजवादी पार्टी में यूँ तो सैफई राजवंश में घर में झगड़े चल रहे हैं, चाचा-भतीजे सरेआम एक दूसरे से भिड़ रहे हैं। लेकिन इस सबके बीच तथाकथित सौम्य, विनम्र मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जहाँ सपा के सांसद अमर सिंह को बाहरी कह रहे हैं, लेकिन बसपा नेत्री मायावती को बुआ कहकर पुकार रहे हैं। बुआ ने भी भतीजे को झिड़की दी और इशारों-इशारों मे कह दिया कि बबुआ पहले पिताजी और चाचा की सेवा करो, फिर बुआ की बात करो।
डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्माण दिवस के मौके पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने श्रद्धांजलि अर्पित कर 6 दिसंबर को एक रैली को संबोधित किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा।
... दरअसल लखनऊ में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की पुण्यतिथि पर आयोजित एक रैली के दौरान मायावती ने अखिलेश यादव को बबुआ कहकर संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि अखिलेश जिस तरह की बातें करते हैं ऐसी बातें एक बबुआ ही कर सकता है।
इसके साथ ही मायावती ने हाथी को लेकर अखिलेश यादव को करारा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें हाथी सपनों में भी परेशान करते होंगे। हाथी की बात करके अखिलेश यादव बीएसपी का मुफ्त में प्रचार कर रहे हैं।
इस दौरान मायावती ने सैफई महोत्सव पर भी सवाल उठाए और कहा कि सैफई महोत्सव में सपा सरकार गरीबों का पैसा बेदर्दी से खर्च करती है जिससे कोई आय नहीं होती है, लेकिन अंबेडकर पार्कों में हज़ारों की तादाद में लोग आते हैं टिकट लेते हैं जो सीधा सरकार के खाते में जाता हैं।

बहरहाल मायावती ने सपा के साथ-साथ बीजेपी और कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया।
मायावती ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने हमारे संविधान का प्रारूप धार्मिक समानता के आधार पर बनाया था, लेकिन बीजेपी और RSS यह कतई स्वीकार नहीं करती हैं और हिंदुत्व को थोपना चाहती हैं।
इसके साथ ही कांग्रेस पर तीखे प्रहार करते हुए मायावती ने कहा कि आजादी के बाद काफी समय तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन कांग्रेस के शासन काल में कभी भी अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल सका।