भाकपा ने बाढ़ से तबाही पर गहरी चिंता जताई

सरकारों से फौरी कदम उठाने की मांग की
लखनऊ- 24 अगस्त 2016, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान आदि में बाढ़ की भीषण तबाही से धन और जन हानि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुये केंद्र और राज्य सरकारों से लोगों की जान बचाने और तबाही से निपटने को ठोस कदम उठाने की मांग की है।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग 25 जिले आज भयंकर बाढ़ की त्रासदी का सामना कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के प्रयास खतरे और तबाही के मुकाबले काफी कम दिखाई दे रहे हैं। अधिकतर राहत और बचाव का काम साधन रहित चंद कर्मचारियों व अधिकारियों के हवाले है। अतएव जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यही हाल पड़ोसी राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान का है।
भाकपा ने कहा कि केंद्र की और राज्यों की सरकारों ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने को यदि समग्र नीति अपनाई होती तो तबाही काफी कम होती। गंगा में जहाज चलाने से ज्यादा उसकी सिल्ट निकाले जाने के काम को प्राथमिकता दी जानी चाहिये थी। अब जरूरत है कि फौरी कदम तेजी से उठाये जायें और आधुनिक साधनों से लैस बचाव दलों को तबाही क्षेत्रों में भेजा जाये।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने प्रभावित इलाकों और उसके इर्द गिर्द की अपनी शाखाओं को निर्देश दिया कि वे पीढ़ित जनता की मदद करें, और शासन प्रशासन के समक्ष जनता की समस्याओं को पेश करें।
डा. गिरीश ने बताया कि उन समेत भाकपा का एक राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल चार दिन की पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा पर कल रवाना होरहा है।