‘भागो भूत’
‘भागो भूत’
अनुराग ट्रस्ट के बाल फिल्म समारोह का पहला दिन
गीतिका
लखनऊ, 28 जून। अनुराग ट्रस्ट की ओर से आयोजित दो दिवसीय बाल फिल्म समारोह के पहले दिन सई परांजपे की फिल्म ‘भागो भूत’ का प्रदर्शन किया गया। आज श्लोक शर्मा की लघु फिल्म ‘ट्यूबलाइट का चाँद’ और चार्ली चैप्लिन की लघु फिल्म ‘द बैंक’ भी दिखाई जाने वाली थीं लेकिन बारिश की आशंका और दूर से आने वाले बच्चों को ध्यान में रखकर उन्हें अगले दिन के लिए टाल दिया गया।
‘चश्मे बद्दूर’, ‘कथा’ और ‘स्पर्श’ जैसी चर्चित फिल्मों की प्रसिद्ध निर्देशिका सई परांजपे की फिल्म एक गांव की कहानी है जहां के लोग पास के जंगल में रहने वाले भूत की अफवाहों से डरे हुए हैं। जंगल में जाने वालों को तरह-तरह की डरावनी आवाज़ें सुनाई देती हैं। जब नानू नाम का शरारती लड़का भूत को ढूंढ़ने जंगल में जाता है तो उसकी मुलाकात भागो नाम के आदमी से होती है जो समाज से बहिष्कृत होकर जंगल के एक सूखे कुएं में छिपकर रहता है। फिल्म बहुत मजे़दार और मार्मिक ढंग से दोनों की दोस्ती और मिलजुलकर लोगों की मदद करने की कहानी कहती है।
कार्यक्रम की शुरुआत में कवयित्री कात्यायनी ने कहा कि आज बच्चों के लिए ऐसी फिल्मों और साहित्य की काफी कमी है जो उन्हें अधिक संवेदनशील, प्रकृति, मनुष्यों और समाज के प्रति सरोकार रखने वाला बेहतर इंसान बनने में मदद करें, उनकी मासूमियत को असमय ही ख़त्म न करें। सहज हास्य की जगह बच्वे अभी से फूहड़ हंसी के कार्यक्रम देखते हैं। कम उम्र से ही वे हिंसा, अपराध, लालच और झूठ को ग्लैमराइज़ करने वाली फिल्में, कॉमिक्स, विज्ञापन आदि देख रहे हैं। इसके नतीजे हमें समाज में अभी से दिखने लगे हैं।
फिल्मों का परिचय देते हुए सत्यम ने कहा कि अनुराग पुस्तकालय में बच्चों, किशोरों और युवाओं के लिए विश्व सिनेमा के खजाने से चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन और उन पर बातचीत का सिलसिला जुलाई से शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर बाल साहित्य और बच्चों के कलात्मक पोस्टरों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गयी है।


