भाजपा भी बोझ है देश पर : भाजपा का देशभक्ति का कोई पूर्व रिकॉर्ड नहीं है
भाजपा भी बोझ है देश पर : भाजपा का देशभक्ति का कोई पूर्व रिकॉर्ड नहीं है
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पोस्टर ब्वॉय नरेंद्र मोदी के बड़बोलेपन पर सोशलिस्ट पार्टी ने चुटकी लेते हुये कहा है कि भाजपा भी देश पर बोझ है।
चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख के नाते गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी काफी बड़बोलापन दिखा रहे हैं। भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करने के लिए वे पहले से ही जाने जाते हैं। उन्हें यह विश्वास हो गया है कि कुछ भी बोलना और बोलते रहना कामयाब नेता की निशानी है। हैदराबाद से अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत करते हुए उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से देश को कांग्रेस से मुक्त कराने का आह्वान किया है।
सोशलिस्ट पार्टी ने कहा है कि संसद में मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते भाजपा द्वारा कांगेस का विरोध करना ओर उसे चुनाव में परास्त करने का आह्वान करना स्वाभाविक है। लेकिन उसके लिए देश की दुहाई देने का कोई औचित्य नहीं है। भाजपा का देशभक्ति का कोई पूर्व रिकॉर्ड नहीं है।
पार्टी प्रवक्ता डॉ.प्रेम सिंह ने कहा कि कांग्रेस के मंच से गांधी ने जब पूरे देश को अंगेजों से मुक्त कराने का आह्वान किया तब आरएसएस ने हमेशा अंग्रेजों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने कांगेस को देश पर बोझ बताया है। सोशलिस्ट पार्टी देश के नागरिकों को बताना चाहती है कि भाजपा भी देश पर बोझ है।
सोशलिस्ट पार्टी ने सवाल पूछा है कि जिस गैर कांग्रेस सरकार की बात नरेंद्र मोदी कर रहे हैं क्या वह कांग्रेसी नीतियों को भी छोड़ कर चलेगी? अगर चलेगी तो वे कौन सी नीतियां होंगी? नवउदारवादी प्रतिष्ठान की स्थापित संस्थाओं – विश्व बैंक, आईएमएफ, डब्ल्यूटीओ और सबसे ऊपर नवसाम्राजयवाद के शिखर अमेरिका - के आदेशों के प्रति उस सरकार का क्या रवैया होगा?
सोशलिस्ट पार्टी ने पूछा है कि विस्थापित होते आदिवासियों, आत्महत्या करते किसानों, कारखानों में दिन-रात खटते और मालिकों के बाउंसरों से पिटते कारखाना मजदूरों, ठेकेदारों और बिल्डरों के निरंतर शोषण का शिकार होने वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, खुदरा में विदेशी निवेश के फैसले से बदहाल होने जा रहे खुदरा व्यापारियों, शिक्षा और रोजगार की तलाश में भटकते देश के नौजवानों व नवयुवतियों, कुपोषण, भूख और बीमारी से ग्रस्त देस के आधे से ज्यादा बच्चों के लिए भाजपा के पास सोनिया गांधी की कांग्रेस से अलग क्या समाधान है?
डॉ. प्रेम सिंह ने कहा कि कांग्रेस नीत यूपीए की नीतियाँ नवउदारवादी प्रतिष्ठान से संचालित होती हैं। भाजपा नीत राजग सरकार के दौर में भी वैसा ही था। नरेंद्र मोदी कारपोरेट घरानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को रिझाने में कांग्रेस से आगे निकलने की दौड़ लगा रहे हैं। उन्हें लगता है प्रधानमंत्री की दौड़ जीतने के लिए पहले यह दौड़ जीतना जरूरी है। सोशलिस्ट पार्टी ने देश की मेहनतकश जनता से अपील है कि अगले आम चुनाव में इन दोनों पूंजीपतिपरस्त पार्टियों को कड़ी शिकस्त देकर यह सबक सिखाएं कि नीतियां देश के संविधान के मुताबिक बननी और चलनी चाहिए, न कि विश्व बैंक, आईएमएफ, डब्ल्यूटीओ और अमेरिका के आदेश पर।


