3 मई, दिल्ली। आज सुबह भिवाड़ी के मजदूरों के समर्थन में छात्र और मजदूर संगठनो के संयुक्त मोर्चे ने राजस्थान सरकार के बीकानेर हाउस के सामने प्रदर्शन किया व रीजनल कमिश्नर को ज्ञापन देकर ठोस कार्यवाही की मांग की। बिगुल मजदूर दस्ता के सनी ने बताया कि पिछले 26 अप्रैल की शाम को हरियाणा के मानेसर और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से सटे भिवाड़ी (जिला-अलवर) के पथरेड़ी-चैपान की औद्योगिक क्षेत्र स्थित ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कम्पनी ‘श्रीराम पिस्टन ऐण्ड रिंग्स’ के हड़ताली मजदूरों पर 2000 पुलिस कर्मियों ने योजनाबद्ध ढंग से धावा बोलकर बर्बर लाठीचार्ज किया, दस चक्र गोलियाँ चलाईं और तीस आँसू गैस के गोले फेंके। ज्ञापन स्वीकार करने पहुंचे रीजनल कमिश्नर ने कार्यवाही के लिए २ हफ्ते का समय माँगा है।
बिगुल मज़दूर दस्ता की वक्ता शिवानी ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह घटना गुड़गाँव की औद्योगिक पट्टी में चल रहे मज़दूरों के दमन और संघर्ष की ही कड़ी है। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल को पुलिस के साथ ही प्रबंधन के दो सौ बाउंसरो ने भी चाकुओं, रॉडों और लाठियों से मजदूरों पर हमला बोल दिया। इस हमले में घायल 79 मजदूर अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से चार की स्थिति गम्भीर है। इस पूरी घटना के बाद 26 मजदूरों को गिरफ्तार करके उनके ऊपर हत्या के प्रयास का मुकदमा ठोंक दिया गया, जबकि प्रबंधन और उसके बाउंसरों के विरुद्ध प्रशासन ने कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की। होंडा, रिको, मारुती के बाद श्री राम पिस्टन की घटना प्रशासन की मालिक सेवा का प्रदर्शन करती है। आगे उन्होंने बताया कि मज़दूरों को संगठित करने का एकमात्र तरीका इलाकाई और पेशागत आधार पर एकजुटता कायम कर ही हो सकता है। इस प्रदर्शन में बिगुल मज़दूर दस्ता, पी.यु.डी.आर., संहति, श्रमिक संग्राम समिति, क्रांतिकारी नौजवान सभा आदि संगठन शामिल थे।