अरविन्द विद्रोही
बाराबंकी। कभी बेनी प्रसाद वर्मा की छाँव में छात्र राजनीति करने वाले सपा सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री की आँखों के तारे अरविंद सिंह गोप जिले की राजनीति में लगातार समाजवादियों के निशाने पर रहे हैं। अब उनके खासमखास विधायक रामगोपाल यादव के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है।

बाराबंकी जनपद के विधानसभा जैदपुर के विधायक रामगोपाल यादव के खिलाफ समाजवादी कार्यकर्ताओं ने ही मोर्चा खोलते हुए आज सुबह ग्राम्य सिकंदरपुर में बैठक की। बैठक में उपस्थित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी ही समाजवादी पार्टी के विधायक रामगोपाल रावत के द्वारा किये जाने वाले अभद्र व्यवहार, कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के प्रति रोष प्रकट करते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव (मुख्यमंत्री -उत्तर प्रदेश ) को एक पत्र प्रेषित किया।

सिकन्दरपुर में आयोजित आज की बैठक में शामिल होने वालों में राममिलन यादव, शिवराम यादव, सुधीर मिश्र, राम प्रकट यादव, रामनाथ यादव, रामसुरेश, रामकैलाश यादव, अभयराज सिंह, विजय बहादुर सिंह, सालिकराम, रामप्रसाद वर्मा, राममहेश, दुर्योधन सिंह, रामसुमिरन, पुर्विदीन आदि थे। बताया जाता है कि बैठक के दौरान ही सपा की बाराबंकी लोकसभा से घोषित प्रत्याशी राजरानी रावत (पूर्व विधायक ) का फ़ोन बैठक के आयोजक राममिलन यादव के पास आया और राममिलन यादव ने वस्तुस्थिति से उनको अवगत कराया। बैठक की सूचना पाकर सपा नेता विकास यादव (प्रबंधक ,रामसेवक विद्यालय ) और जयकीरत वर्मा ने भी फ़ोन करके समाजवादी कार्यकर्ताओं के इस संघर्ष में साथ होने की बात कही।

बताते चले कि जैदपुर विधायक रामगोपाल रावत बाराबंकी के मंत्री अरविन्द सिंह गोप के खासम खास माने जाते हैं और कई बार अपने बयानों/ कारनामों के कारण अखबारों की सुर्ख़ियों में आ चुके हैं। सपा के सूत्रों की माने तो बाराबंकी में मंत्री द्वय में जंग छेड़ने में एक बड़ी भूमिका निभाने वाले विधायक रामगोपाल रावत के प्रति उपजी नाराजगी का खामियाजा अकारण लोकसभा प्रत्याशी राजरानी रावत को उठाना पड़ सकता है। दुर्भाग्यवश मौजदा सरकार के गठन के पश्चात् से ही अरविन्द सिंह गोप अपने करीबी मुँहलगे लोगों के कारण विवादों में आते रहते हैं।