मत चौंकिए अमित शाह के बयान से, अपने असली रूप में सामने आई भाजपा
मत चौंकिए अमित शाह के बयान से, अपने असली रूप में सामने आई भाजपा
उत्कर्ष सिन्हा
लखनऊ। कल आम चुनावों का आगाज हो जायेगा। 7 अप्रैल को पहले चरण के लिये वोट पड़ेंगे। ऐसे वक्त में भाजपा नेताओं ने अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिये हैं। नरेंद्र मोदी के दाहिने हाथ अमित शाह और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बयान इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। भाजपा अब खुल कर वोटों के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण में जुट गयी है।
दो दिन पहले गुलाबी क्रांति की बात नरेंद्र मोदी ने की थी। नवरात्रि के दौर में उन्होंने वैष्णव हिन्दुओं की भावनाएं जगायी। कल उनके लेफ्टिनेंट अमित शाह ने मुजफ्फरनगर में खुल कर खेला। एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने मुसलमानों पर सीधा हमला किया और कहा कि जिन्होंने हिन्दुओं के सम्मान पर हमला किया उनसे बातचीत नहीं की जा सकती है। जिन्होंने हमारे समाज का अपमान किया, जिन्होंने हमारे परिवार के लोगों की हत्या की, समाज की रक्षा करने वाले लोगों को मौत के घाट उतार दिया, उन लोगों के साथ बैठकर कभी हमारा सम्मान बढ़ सकता है क्या? तो हाथी आपके मोहल्ले में आए तो आप हाथी को पूछिएगा कि भाई हाथी हमारे समाज का क्या है, पूछेंगे कि नहीं पूछंगे।' शाह ने कहा कि यह इलेक्शन उस सरकार को बाहर करने का मौका है, जिसने जाटों को जुल्म का शिकार बनाया। शाह ने जाटों से बदला लेने और अपने सम्मान की रक्षा करने का आह्वान किया। अमित शाह जब यह बातें कर रहे थे तो उनके साथ दंगे भड़काने के एक आरोपी भाजपा विधायक सुरेश राणा भी थे।
साफ़ तौर पर अमित शाह ने छह महीने पहले दंगों के जरिये तैयार की गयी फसल को काटने की कवायद शुरू कर दी है। आम चुनावों के मद्देनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रचे गये षड़यंत्र में भाजपा का निशाना मुसलमान है। अमित शाह ने ठीक वैसा ही किया जैसा गुजरात में 2002 के बाद हुआ था। दरअसल पश्चिमी सूबे पर भाजपा आस टिकी है। उत्तर प्रदेश में सबसे पहले यही वोटिंग होनी है। जाहिर है दंगों से पैदा हुये डर गर्व और जातीय विभाजन का वो फायदा उठाना चाहती है। यदि जाट और मुसलमानो ने इसी आधार पर वोट दिये तो बाकि के सूबे में आसान हो जायेगा।
अमित शाह ने मुसलमानों को लेकर मुलायम और बीएसपी पर भी निशाना साधा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा का निशाना बहुजन समाज पार्टी है। वहाँ का आम आवाम सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी से थोड़ा खफा है। अमित शाह ने बसपा पर ही निशाना साधा। बसपा सुप्रीमो मायावती पर हमला बोलते हुये उन्होंने कहा- 'दलितों उत्थान की बात करने वाली मायावती ने कितने टिकट दलितों को दिये हैं? मायावती ने उन्हें 17 टिकट और भाजपा ने भी उन्हें 17 टिकट दिये। मायावती ने बाकी टिकट दिल्ली के बाजार में बेच दिये।' अमित शाह ने दलितों का जिक्र कर कहा कि बीएसपी ने दलित प्रेम का दिखावा तो किया, लेकिन ज्यादातर टिकट एक समुदाय विशेष को दिये। उनका निशाना एक बार फिर मुसलमान था।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क


