मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए जहां अपने गुर्दों और पैरों के देखभाल बहुत जरूरी होती है, वहीं उन्हें खान-पान संबंधी ढेर सारे परहेज भी करने पड़ते हैं।
अब वैज्ञानिकों ने मधुमेह के संबंध में यह तथ्य भी उजागर किया है कि मधुमेह के रोगियों को नेत्र संबंधी रोगों का खतरा भी अपेक्षाकृत अधिक होता है, इसलिए उन्हें अपने गुर्दों के साथ-साथ अपनी आंखों की भी विशेष देखभाल करनी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमेह से पीड़ित रोगियों में 'डायबिटिक रेटीनोपेथी’ नामक बीमारी होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। इस बीमारी में रोगी व्यक्ति को न सिर्फ मोतियाबिंद की शिकायत हो सकती है, बल्कि धीरे-धीरे उसकी आंखों की रोशनी भी कम होती जाती है और एक समय ऐसा भी आ सकता है, जब उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह से समाप्त हो जाए यानी व्यक्ति नेत्रहीन हो जाए।
मधुमेह के रोगियों को नेत्र संबंधी इस तरह खतरों के मद्देनजर विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि मधुमेह के रोगियों को समय-समय पर किसी अच्छे नेत्र विशेषज्ञ से अपनी आंखों का चैकअप कराते रहना चाहिए और कभी भी आंखों में किसी भी तरह की समस्या का अहसास हो तो अपने डॉक्टर से विमर्श करके तुरन्त उसका इलाज कराना चाहिए।
(देशबन्धु)