'मन की बात' में अधिकारों के साथ कर्तव्यों पर भी ध्यान दिलाया मोदी ने
'मन की बात' में अधिकारों के साथ कर्तव्यों पर भी ध्यान दिलाया मोदी ने
नई दिल्ली, 29 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को शिक्षक बने नज़र आए। अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के 28वें संबोधन में उन्होंने लोगों से केवल अपने अधिकारों पर ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों पर भी ध्यान देने का आग्रह किया साथ ही छात्रों को दूसरों के बजाए खुद के साथ प्रतिस्पर्धा करने की आदत विकसित करने की सलाह दी।
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में आचार संहिता लागू होने के बाद मोदी की यह पहली और नोटबंदीके बाद दूसरी 'मन की बात' थी।
बता दें कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के एपिसोड को प्रसारित करने की मंजूरी इस शर्त पर दी है कि इसमें ऐसा कुछ नहीं कहा जाएगा जिससे उन पांच राज्यों के वोटर प्रभावित हों जहां आने वाले कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं.
सरकार ने 'मन की बात' के अगले एपिसोड की मंजूरी लेने के लिए चुनाव आयोग से संपर्क किया था क्योंकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर वहां आदर्श आचार संहिता लागू है. इन राज्यों में चार फरवरी और आठ मार्च के बीच विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.
रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में मोदी ने कहा,
"लोगों को चर्चाओं के दौरान अपने अधिकारों के साथ ही अपने कर्तव्यों पर भी ध्यान देना चाहिए।"
प्रधानमंत्री ने कहा,
"हम केवल अपने अधिकारों के बारे में सोचते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों को भूल जाते हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे जितना अपने अधिकारों के बारे में सोचते हैं, उन्हें अपने देश और साथी नागरिकों के प्रति अपने कर्तव्यों पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए।"
छात्र खुद से प्रतिस्पर्धा करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को दूसरों के बजाए खुद के साथ प्रतिस्पर्धा करने की आदत विकसित करने की सलाह दी।
मोदी ने कहा, "अन्य लोगों के साथ प्रतिस्पर्धा ईर्ष्या और अहंकार को जन्म देती है, जबकि स्वयं के साथ प्रतिस्पर्धा आत्मनिरीक्षण, प्रोत्साहन और आत्मविश्वास की ओर ले जाती है।"
उन्होंने कहा,
"अगर आप किसी और के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं, तो आप खुद को दूसरे की तुलना में बेहतर, खराब या फिर खुद को दूसरे के समान महसूस करते हैं, वहीं जब कोई खुद से प्रतिस्पर्धा करता है तो वह बेहतर होता है और आत्मविश्वास प्राप्त करता है।"
मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा,
"इसलिए मैं आपको दूसरे के बजाय खुद के साथ प्रतिस्पर्धा करने की सलाह देता हूं।"
मोदी ने छात्रों से परीक्षा अंकों के पीछे न भागने और कौशल व ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अंक और अंक तालिकाओं का उपयोग सीमित है।
मोदी ने कहा,
"अंकों और अंक तालिकाओं का दबाव कभी-कभी हमें सही दिशा में जाने से रोकता है। अगर आप अंकों के पीछे भागेंगे तो आप छोटा रास्ता खोजने की कोशिश करेंगे।"
प्रधानमंत्री की जनता से आज कही मन की बात के कुछ मुख्य अंश। pic.twitter.com/s0yHmL0nw6
— Mann Ki Baat with PM (@MannKiBaat_PMO) January 31, 2016
#PMonAIR :26 जनवरी को हरियाणा, गुजरात ने अनोखा प्रयोग किया, गाँव के गवर्नमेंट स्कूल में ध्वजवंदन के लिए सबसे पढ़ी-लिखी बेटी को पसंद किया।
— All India Radio News (@airnewsalerts) January 31, 2016
#PMonAIR :बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ - इसका एक उत्तम सन्देश देने का उन्होंने प्रयास किया. #MannKiBaat
— All India Radio News (@airnewsalerts) January 31, 2016
#PMonAIR :आज बेटियों के जन्म की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, मैं सचमुच में वहाँ के सामाजिक जीवन में बदलाव लिए अभिनन्दन करता हूँ
— All India Radio News (@airnewsalerts) January 31, 2016
#PMonAIR :मैं सबसे आग्रह करता हूँ– MyGov portal पर आपने जो statue की सफ़ाई की है, उसकी फोटो ज़रूर भेजिए. #MannKiBaat pic.twitter.com/tjU6o5eb1k
— All India Radio News (@airnewsalerts) January 31, 2016


