ममता के राज में हो रहे महिलाओं पर हमले- बृंदा कारत
ममता के राज में हो रहे महिलाओं पर हमले- बृंदा कारत
बृंदा कारत ने मुर्शिदाबाद में विशाल सभा को संबोधित किया
मुर्शिदाबाद। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)- सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा कारत ने कहा है कि कांग्रेस की आर्थिक नीतियों ने देश की बहुमत जनता के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं जिसकी वजह से कांग्रेस के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है। तृणमूल कांग्रेस जोकि यूपीए के शासनकाल में आधे समय तक रही और जनविरोधी नीतियों को लागू करने की हिस्सेदार रही, भी लोगों के गुस्से से नहीं बच सकती है।
मुर्शिदाबाद और जंगीपुर संसदीय के तहत शेखपाडा और राधारघाट में दो बड़ी चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए बृंदा कारत ने लोगों को याद दिलाया कि यूपीए के शासनकाल के दौरान तृणमूल उस वक्त चुप रही जब केंद्र सरकार में घोटाले पर घोटाले देश के सामने आ रहे थे। ये शायद इसलिए चुप रहे कि अगर उन्होंने कुछ बोला तो शायद उनके शारदा चिट फंड जैसे घोटाले भी जनता के सामने आ जायेंगे।
सभा में उमड़े जन समुद्र को संबोधित करते हुए कारत ने सवाल उठाया कि मुर्शीदाबाद से तृणमूल के सांसद ने जूट के मूल्य पर दिल्ली में सवाल क्यों नहीं उठाया? क्यों नहीं उन्होंने नदी के तट टूटने का सवाल की अनदेखी की? बीड़ी मजदूरों को सामाजिक कलयाण योजना से दूर क्यों रखा? क्यों नहीं सरकार ने अल्पसंख्यक लड़कियों की सहायता के लिए आगे नहीं आई जिन्होंने सेल्फ-हेल्प समूह बनाकर अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश की। उन्होंने ममता सरकार को महिला विरोधी सरकार कहा और कहा कि इन्हीं के काल में महिलाओं पर सबसे ज्यादा हमले हो रहे हैं।


