महबूबा मुबारक, संसद में रहकर 370 में संशोधन की जंग लड़ें
महबूबा मुबारक, संसद में रहकर 370 में संशोधन की जंग लड़ें
पैंथर्स सुप्रीमो की महबूबा को मुबारक
कहा संसद में रहकर 370 में संशोधन की जंग लड़ें
नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं राष्ट्रीय एकता परिषद के सदस्य प्रो.भीमसिंह ने महबूबा मुफ्ती को विधानसभा के चुनाव में जीत के लिए मुबारकबाद दी और कहा कि केवल 22 प्रतिशत वोट लेकर यह नहीं कहा जा सकता कि यह उनकी राजनीतिक जीत है, क्योंकि उन्होंने 80000 वोटों में से 17701 वोट हासिल किये हैं। मुख्यमंत्री के लिए यह जीत नहीं है। प्रो. भीमसिंह महबूबा मुफ्ती को सलाह दी है कि वह लोकसभा से इस्तीफा नहीं न दें, क्योंकि तकनीकी रूप से वह जीत गयी हैं, परन्तु राजनीतिक रूप से यह विजय नहीं कही जा सकती।
महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री बनकर प्रथम महिला मुख्यमंत्री पदवी हासिल कर चुकी हैं और इसमें भी कोई शक नहीं कि उनकी सरकार एक वर्ष चलना असम्भव है।
प्रो. भीमसिंह ने महबूबा मुफ्ती को सलाह दी है कि वह आरएसएस चंगुल से निकलकर लोकसभा में बनी रहें, क्योंकि लोकसभा में उन्हें दो वर्ष और मिल सकते हैं।
प्रो. भीमसिंह महबूबा मुफ्ती को सलाह दी है कि वह लोकसभा में धारा-370 में संशोधन के लिए एक राजनीतिक संघर्ष कर सकती हैं, क्योंकि यही एक रास्ता है-जम्मू-कश्मीर के लोगों को मौलिक अधिकार दिलवाने का, जिससे जम्मू-कश्मीर के लोग 70 सालों से वंचित रहे हैं। धारा-370 जम्मू-कश्मीर के लोगों को भारतीय संविधान में दिये गये मानव अधिकार से अलग रखना था। यही कारण है कि जम्मू-कश्मीर के संविधान में मानवाधिकार का कोई भी उल्लेख तक नहीं है। हजारों नौजवान जेलों में रहे, यहां तक प्रो. भीमसिंह स्वयं साढ़े आठ साल जम्मू-कश्मीर की जेलों में सड़ते रहे हैं और 54 बार सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से राहत मिली थी।
प्रो. भीमसिंह ने महबूबा मुफ्ती को शुभकामनाएं देते हुए यह सुझाव दिया है कि वह लोकसभा की सदस्यता को बरकरार रखें और धारा-370 में संशोधन की जंग लड़ें। यही एक रास्ता है जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का हल है और यही रास्ता है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को मानवाधिकार मिल सकते हैं, जिससे वे 1947 से वंचित हैं।


