महात्मा गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोग वामपंथी हिंसा का रोना रो रहे
महात्मा गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोग वामपंथी हिंसा का रोना रो रहे
भाजपाई दुष्प्रचार के खिलाफ माकपा का विरोध दिवस 9 को
कथित वामपंथी हिंसा के भाजपाई दुष्प्रचार के खिलाफ 9 को विरोध दिवस — माकपा
रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने केरल में वामपंथ को निशाना बनाकर चलाये जा रहे दुष्प्रचार तथा दिल्ली में माकपा के केन्द्रीय कार्यालय पर रोज किए जा रहे हमलों के प्रयासों की कड़ी भर्त्सना करते हुए 9 अक्टूबर को देशव्यापी विरोध दिवस मनाने का आह्वान किया है. इस दिन प्रदेश में भी भाजपाई दुष्प्रचार का पर्दाफाश करते हुए विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जायेंगे.
आज यहां जारी एक बयान में माकपा सचिवमंडल ने कहा है कि शोर तो वामपंथी हिंसा का मचाया जा रहा है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि केरल में पिछले 17 सालों में संघी गिरोह के हमलों में माकपा कार्यकर्ता और समर्थक ही सबसे ज्यादा शहीद हुए हैं. वे पार्टी व जनसंगठनों के कार्यालयों, कार्यकर्ताओं व नेताओं के घरों पर भी हमले करने में पीछे नहीं हैं. इस हिंसा के खिलाफ केरल सरकार और मुख्यमंत्री विजयन के हर प्रयास को उन्होंने विफल करने की कोशिश की है.
सभी जानते हैं कि केरल विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पी. विजयन की रैली पर हमला करने वाले और कर्नाटक में उनकी सभा पर हमले की साजिश करने वाले ये लोग ही थे. मध्यप्रदेश में उनके आगमन पर उन्हें न्यूनतम सुरक्षा देने से इंकार करके अपने प्रोटोकॉल से मुंह मोड़ने वाली भाजपा सरकार ही है. छत्तीसगढ़ में कुछ वर्षों पहले माकपा पोलिट ब्यूरो सदस्य बृंदा करात की सभा पर हमला करने वाले संघी कार्यकर्ताओं पर आज तक भाजपा सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की है.
माकपा ने कहा है कि यह हास्यास्पद है कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोग वामपंथी हिंसा का रोना रोये. भाजपा ने तो विरोध के न्यूनतम जनतांत्रिक तौर-तरीकों और शिष्टता का ही परित्याग कर दिया है. दिल्ली में माकपा के केन्द्रीय कार्यालय पर रोज किए जा रहे हमलों का प्रयास इस हिंसा की बर्बर अभिव्यक्ति ही है. पूरे देश में संघी गिरोह गाय, लव जिहाद, राष्ट्रवाद आदि के नाम पर आम जनता, अल्पसंख्यकों, दलितों, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों पर हमले-हत्याएं कर रहा है. माकपा इनके खिलाफ संघर्ष में सबसे आगे है. माकपा पर भाजपा-संघ का हमला इसी कारण से है.
माकपा ने कहा है कि भाजपा वामपंथी हिंसा का अपना राग अलापना बंद करें तथा चुनौती दी है कि जिस तरह वामपंथ की जनपक्षधर नीतियों के कारण केरल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, लैंगिक समानता आदि के क्षेत्र में मानव विकास सूचकांक के जिन बिन्दुओं को छुआ है, ऐसा विकास देश और भाजपा शासित राज्यों में करके दिखाए.
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