हमारे दलित चेतना वाले मित्र इस पर बुरा मान सकते हैं। उनकी मेहरबानी।
बात जीतन राम मांझी की कर रहा हूं। वह न तो विधायकों के जरिए ही मुख्यमंत्री बने थे, न ही अपनी किसी काबलियत के कारण। वह अधिकारवादी नीतीश कुमार के मनोनयन से मुख्यमंत्री नियुक्त हुए। लगभग 6 माह तक वह नीतीश कुमार के रबरस्टांप बने रहे।
नैतिकता और ईमानदारी का तकाजा था कि जब नीतीश कुमार ने उनसे इस्तीफा मांगा तो वह बहुमत का दावा करने लगे। भयंकर नौटंकी के बाद वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित न कर पाए और विधान सभा का सामना करने के बजाय इस्तीफा दे कर अपनी अलग दुकान खोल ली।
यह न तो कोई अच्छी बात है, न कोई बुरी बात। हमारे संविधान की कृपा है। मीडिया को लगा कि एक और फ्रंट मिल गया खबरों के लिए।
यह तो नीतीश कुमार के ऊपर निर्भर करता है कि गोलमोल बात करने के बजाय जीतन राम मांझी के सच को उजागर करते।
जीतनराम मांझी का एक सच तो यह है कि सजायाफ्ता जग्गनाथ मिश्र के नाम पर दरभंगा के इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम रखा जाना। इसी से साबित हो जाता है कि उनके असली नेता कौन हैं।
फिर वह भाजपा की शरण में गए। पत्रकारिता को लगा कि वह दलित वोट के महानायक हैं। भाजपा की संगत के कारण झूठ बोलना सीख गए। जब नहीं थे, तब भी झूठ ही बोलते थे। झूठ राजनीति का सच भी है।
अभी हाल में उन्होने कुछ झूठवाणी की है :
1 – दिवंगत दिग्विजय सिंह को नीतीश कुमार ने टिकट नहीं दिया तो वह सदमे से मर गए।

सच तो यह है कि दिग्विजय सिंह, नीतीश के विरोध के बावजूज बांका से लोकसभा जीते और किसी और बीमारी से लंदन में उनकी मृत्यु हो गयी।
2 –जार्ज साहब को नीतीश ने धोखा दिया। उन्हे अल्जेमाइजर ( स्मृति समाप्त ) की बीमारी थी। निर्दल चुनाव लड़े, हार गए। नीतीश कुमार ने उसके बाद उन्हें राज्य सभा में भेजा।
3 – शकील अहमद जब जदयू में शामिल हुए तो राज्य सभा का कोई चुनाव नहीं था। सब लोग जानते हैं कि वह हृदय रोग से ग्रस्त थे।

जीतन राम मांझी जी, आप औसत दर्जे के भी नेता नहीं थे, मुख्यमंत्री बनने के पहले। आप अपने चुनाव क्षेत्र मखदुमपुर से तभी जीत सकते हैं जब इलाके के भूमिहार आपको वोट दें।
मेरी शुभकामना आपके साथ है कि आप विधान सभा का चुनाव अवश्य जीतें ताकि और बढ़िया झूठ बोल सकें
जुगनू शारदेय

Trending - #RememberingRajiv GCSE #Just1Hour Deez Nuts #ScientificSongs Louis Berger #HappyBirthdayDemi Raghuram Rajan #INDvsSL Hurriyat Raksha Bandhan, M.S. Dhoni, BlackBerry, Image of Android-Powered 'Venice' Phone ,