साम्प्रदायिकता के खिलाफ वाम दलों का अहम युद्धघोष
मुंबई, शनिवार। मुंबई में शनिवार को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया – मार्क्सिस्ट (सीपीआईएम) ने फासीवाद, पूंजीवाद और सामप्रदायिकता के खिलाफ रैली में एक अनोखी पहल कर, अपनी साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई को और तीखा करते हुए, मानवाधिकार कार्यकर्ता और गुजरात दंगों की क़ानूनी लड़ाई लड़ रही, तीस्ता सेतलवाड़ को अपनी रैली और मंच पर आमंत्रित किया।
केंद्र सरकार द्वारा लागातर फर्ज़ी मामलों में फंसा कर प्रताड़ित की जा रही तीस्ता को अपने मंच पर आमंत्रित करने को वाम दलों द्वारा साम्प्रदायिकता के खिलाफ एक अहम युद्धघोष के तौर पर देखा जा रहा है। सीपीआईएम ने अपने इस लगभग एक माह लम्बे कार्यक्रम के दौरान देश भर में अपने काडरों को जन आंदोलन के लिए तैयार होने के लिए कमर कसने के लिए कहा है।
आज़ाद मैदान में कामरेड सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौनेंद्र मोदी कहते हुए, केंद्र सरकार की नीतियों को पूंजीवाद-परस्त बताया और सरकार को साम्प्रदायिक और जन-विरोधी करार दिया।
रैली के बाद मुंबई प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए, तीस्ता सेतलवाड़ और सीताराम येचुरी ने मीडिया से भी बात की। इस दौरान सीताराम येचुरी ने हिल्ले ले डॉट कॉम के एक प्रतिनिधि के एक सवाल के जवाब में तीस्ता सेतलवाड़ और गुजरात दंगों के मामले में केंद्र सरकार की न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिशों का भी आरोप लगाया।
सीताराम येचुरी का उत्तर सुनने के लिए इस वीडियो को देखें…
Govt. interfering in Legal-sub judice matters - Yechury