आज़म साहब बेहद ईमानदार और खुद्दार किस्म के सियासतदां हैं। मीडिया उनको इर्रिटेट करती है। वे मीडिया को मसाला दे देते हैं।
आज का उनका बयान माइक घुसेड़ू और सवाल मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है वाले लोगों के लिए है। असल में मीडिया से आज़म साहब को एक इंच भी डर नहीं लगता क्योंकि इनकी राजनीति बेहद साफ है। तालिबान और दाऊद से मिले पैसे से नेता जी का बड्डे सेलीब्रेट हो रहा है, उनका यह कहना उस मीडिया को ठेंगे पर रखना दिखाता है जिसे मोदी के प्लेन से लेकर छत्तीसगढ़ के भाजपाई विधानसभा अध्यक्ष के पास्पोर्ट को पहुंचाने के लिए भेजा गया विमान नहीं दिखता। आज़म खान हो या जीतन राम माझी, मैं ऐसे नेताओं के हर बयान का समर्थन करता हूं। मेरे लिए मीडिया सिर्फ और सिर्फ राजनैतिक गुणा गणित का एक साधन है। आज इसका इस्तेमाल भाजपा कर रही है वरना मोदी द्वारा अब तक बदले और फेंके गए बयानों से बेहतर प्रोग्राम किसी और चीज़ पर बन ही नहीं सकता। लेकिन कोई नहीं दिखाता।
एक सेक्यूलर मुस्लिम नेता को पहले कम्यूनल बनाया गया और अब उसकी छवि के साथ पोस्टमार्टम हो रहा है। लेकिन इन सब बातों का जनता पर एक इंच फर्क नहीं पड़ेगा। मुझ पर तो कतई नहीं। आप पर भी नहीं पड़ना चाहिए। अच्छे और तरीके के लोगों के साथ रहिए, कहां मीडिया के बनाए ओपीनियन के साथ बह जाते हैं।
हैप्पी बड्डे नेता जी।
O- मोहम्मद अनस
मोहम्मद अनस, लेखक तेज-तर्रार युवा पत्रकार हैं।
मोहम्मद अनस की फेसबुक वॉल से साभार