मुख्य न्यायाधीश 8 अगस्त 2017 को सरदार सरोवर मुद्दे पर सुनेंगे याचिका
मुख्य न्यायाधीश 8 अगस्त 2017 को सरदार सरोवर मुद्दे पर सुनेंगे याचिका
सुप्रीम कोर्ट के सभी आदेशों के पालन और सम्पूर्ण पुनर्वास के बिना जबरन बेदखली नहीं हो सकती
आज सुप्रीम कोर्ट में नर्मदा घाटी से प्रभावित लोगों से सम्बंधित दो याचिकाओं पर सुनवाई हुई। न्यायाधीश रोहिनटन नरीमन व संजय किशन कौल की पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उन्हें मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जाने को कहा। दो याचिकाओं में एक याचिका हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ SLP है, और दूसरी पुनर्वास के सवाल पर जनहित याचिका है जिसको न्यायाधीश पानचंद जैन, अरुणा रॉय, कुलदीप नायर, हन्नान मोल्लाह, एनी राजा, सौम्या दत्ता, जो इससे पहले कई बार नर्मदा घाटी जा चुके है और वहां की यथास्थिति से अवगत हैं, ने दाखिल किया।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की एक विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि दोपहर में अधिवक्ता संजय पारिख व प्रशांत भूषण ने याचिका को मुख्य न्यायाधीश के सामने रखा और विस्तार से नर्मदा घाटी के पुनर्वास स्थलों, टिन शेड्स, और सुविधाओं की कमी के बारे में चित्र दिखाए और बताया। मुख्य न्यायाधीश जे. एस. केहर ने सभी बातों को सुनते हुए याचिका को 8 अगस्त के दिन तीन न्यायाधीश की पीठ के सामने सुनने को मंजूरी दी।
इसके साथ ही सरदार सरोवर प्रभावितों से सम्बंधित मामले सुप्रीम कोर्ट में दुबारा सुने जायेंगे। नर्मदा बचाओ आन्दोलन मध्य प्रदेश सरकार से उम्मीद करती है कि जब न्यायाधीश केहर याचिका को एक बार फिर सुन रहे हैं तो सरकार प्रभावितों को बिना सम्पूर्ण पुनर्वास जबरन बेदखली ना करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले के अन्य भाग पर ध्यान देते हुए सभी लोगों के मुवावजे पर ध्यान देगी, पुनर्वास स्थलों में भी सुविधायें पक्की करेगी, और भूमिहीनों के वैकल्पिक आजीविका पर विशेष ध्यान देगी।


