मुजफ्फरनगर साम्प्रदायिक हिंसा की चौथी बरसी पर 7 सितम्बर को रिहाई मंच करेगा सम्मेलन

हर्ष मंदर, मो0 शुऐब, असद हयात, संदीप पांडे, सलीम बेग, फरूख खान, अकरम चैधरी होंगे वक्ता
लखनऊ 5 सितम्बर 2016। मुजफ्फरनगर साम्प्रदायिक हिंसा की चौथी बरसी पर रिहाई मंच ‘सरकारें दोषियों के साथ क्यों खड़ी है’ विषयक सम्मेलन 7 सितम्बर को लखनऊ में सम्मेलन करेगा।
रिहाई मंच के प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि अखिलेश सरकार ने भाजपा से मिली भगत करके मुजफ्फरनगर के मुसलमानों को हिंसा की भट्टी में झोंक दिया ताकि मुसलमानों में भाजपा का भय कायम रहे और वे सपा को वोट देने को मजबूर बने रहें।
इसीलिए रणनीति के तहत सपा सरकार ने मुजफ्फरनगर के एक भी दोषी को जेल तक नहीं जाने दिया और मनोज कुमार झा जैसे साम्प्रदायिक क्षवि वाले पुलिस अधिकारी जिनके खिलाफ खालिद मुजाहिद की हिरासती हत्या का मुकदमा तक दर्ज है और जिनके खिलाफ आरडी निमेष आयोग की रिपोर्ट में बेगुनाह मुस्लिमों को फंसाने के लिए सख्त कर्रवाई की सिफारिश की गई है, को एसआईटी का इंचार्ज बना दिया गया ताकि विवेचना के स्तर पर ही केसों को कमजोर कर दोषियों को बचाया जा सके।

रिहाई मंच द्वारा ‘सरकार दोषियों के साथ क्यों खड़ी है’ रिपोर्ट जारी की जाएगी
यूपी प्रेस क्लब में 7 सितम्बर बुधवार को दोपहर ढाई बजे से होने वाले सम्मेलन के जरिए मुजफ्फरनगर साम्प्रदायिक हिंसा में सपा और भाजपा गठजोड़ को उजागर करने वाले तथ्य जनता के सामने रखे जाएंगे। इस दौरान वहां चल रहे रिहाइशी कैम्पों की स्थितियों पर हर्ष मंदर, जफर इकबाल, अकरम त्यागी और राजन्या बोस लिखित रिपोर्ट ‘सिमटती जिंदगी’ और उस हिंसा में सपा और भाजपा के गठजोड़ और न्याय मिलने में सपा सरकार द्वारा उतपन्न की जा रही बाधाओं, दोषियों को बचाने की कोशिशों और न्यायपालिका की इंसाफ विरोधी भूमिका पर रिहाई मंच द्वारा रिपोर्ट भी जारी की जाएगी।

हर्ष मंदर, जफर इकबाल, अकरम त्यागी और राजन्या बोस लिखित ‘सिमटती जिंदगी’ रिपोर्ट जारी होगी
शाहनवाज आलम ने कहा कि सम्मेलन में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, मोहम्मद शुऐब, असद हयात, संदीप पांडे, सलीम बेग, अकरम चैधरी, फरूख खान वक्ता होंगे।