मुलायम-शिवपाल के खिलाफ ठाकुर दम्पति का इस्तेमाल कर रहे थे अखिलेश ?
मुलायम-शिवपाल के खिलाफ ठाकुर दम्पति का इस्तेमाल कर रहे थे अखिलेश ?
मुलायम-शिवपाल के खिलाफ ठाकुर दम्पति का इस्तेमाल कर रहे थे अखिलेश ?
अखिलेश ने दिए शिवपाल के खिलाफ राजनीतिक दुरुपयोग की जांच के आदेश
लखनऊ, 24 दिसंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) में छिड़ी चाचा-भतीजे की जंग आने वाले दिनों में नया मोड़ ले सकती है। अब एक नई बात सामने आई है, जिसके मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पिता और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का इस्तेमाल कर रहे थे।
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री पद पर आसीन अखिलेश यादव ने अपने चाचा व सपा के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ पद का राजनीतिक दुरुपयोग किए जाने के मामले में जांच करने को कहा है। साथ ही इस पूरे मामले में विशेष सचिव गोपन को जांच कर 16 जनवरी, 2017 तक रिपोर्ट देने को कहा है।
बताया जाता है कि पूर्व मंत्री शिवपाल द्वारा प्रदेश सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग का राजनीतिक दुरुपयोग किए जाने के संबंध में आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर एक्टिविस्ट की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा भेजी गई शिकायत की जांच करा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने पत्र में नूतन ने कहा था,
"शिवपाल सिंह 18 जून, 2016 को फैजाबाद गए थे, जहां उन्होंने एक पुराने सपा नेता श्रीपाल यादव को 20 साल तक पार्टी का झंडा ढोने के एवज में 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की और सूचना विभाग ने इस संबंध में सरकारी प्रेस नोट निर्गत किया, जो पूरी तरह गलत है और राजनीतिक हित में सरकारी तंत्र का सीधा दुरुपयोग है।"
बताया जाता है कि इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अजय कुमार सिंह ने अपने पत्र दिनांक 15 दिसंबर, 2016 द्वारा विशेष सचिव (गोपन) को जांच कर 16 जनवरी, 2017 तक आख्या देने को कहा है।
बता दें आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर हाल ही में एक बार सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उन्हें फोन करके धमकी दी थी।
अमिताभ ठाकुर की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर भी एक्टिविस्ट हैं।
अब इस प्रकरण से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि मुलायम के खिलाफ ठाकुर दम्पति को मुख्यमंत्री ही हवा दे रहे थे। हालाँकि जानकारों का कहना है कि इस शिकायत की जाँच के आदेश से शिवपाल की ही स्थिति मजबूत हुई है और मुख्यमंत्री अपने ही कार्यकर्ताओं के सामने सवालों के घेरे में आ गए हैं।
जानकारों का कहना है कि शिकायत में वैसे भी कोई दम नहीं है और जो शिकायत है भी, वह सपा कार्यकर्ताओं के बीच शिवपाल की लोकप्रियता को ही बढ़ाएगी।


