मोदी की हत्या की साजिश रचने में विचारक व कवि वरवर राव गिरफ्तार, देश भर में लेखकों एक्टिविस्टों के घर छापे
मोदी की हत्या की साजिश रचने में विचारक व कवि वरवर राव गिरफ्तार, देश भर में लेखकों एक्टिविस्टों के घर छापे
विचारक व कवि वरवर राव गिरफ्तार, देश भर में लेखकों एक्टिविस्टों के घर छापे
नई दिल्ली, 28 अगस्त। महाराष्ट्र पुलिस ने आज माओवादी विचारक वरवर राव को कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार हैदराबाद से किया है। वरवर राव के परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी।
देशबन्धु ने एजेंसी के हवाले से खबर दी है कि पुणे पुलिस की एक टीम ने उनके व परिवार के सदस्यों व दोस्तों के घरों की तलाशी के बाद क्रांतिक्रारी लेखक, कवि वरवर राव को गिरफ्तार किया।
वरवर राव को चिकित्सा जांच के लिए सरकारी गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें पुणे भेजे जाने से पहले अदालत के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है।
पुणे पुलिस ने जून में कथित तौर पर पांच लोगों में एक व्यक्ति के घर से मोदी की हत्या की साजिश के उल्लेख वाला एक पत्र बरामद करने का दावा किया था। इन पांचों लोगों को भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।
Activist Gautam Navlakha detained (Pic 1) in Delhi and activist Varavara Rao (Pic 2) detained in Hyderabad in connection with #BhimaKoregaon violence case pic.twitter.com/W6k1pYgpqN
— ANI (@ANI) August 28, 2018
बरामद पत्र में कथित तौर पर प्रधानमंत्री की हत्या पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तर्ज पर करने की बात कही गई है। इस पत्र को लिखने वाले व्यक्ति की पहचान सिर्फ 'आर' के रूप में की गई है।
इसमें साजिश को अंजाम देने के लिए एक एम-4 राइफल व चार लाख चक्र कारतूस खरीदने के लिए आठ करोड़ रुपये की जरूरत का जिक्र किया गया है। कहा जा रहा है कि इस पत्र में वरवर राव का नाम शामिल है।
कौन हैं वरवर राव
वरवर राव क्रांतिकारी लेखकों के एक संगठन 'वीरसम' के अध्यक्ष हैं। 3 नवंबर 1940 को जन्मे वरवरा राव एक कम्युनिस्ट, कार्यकर्ता, नक्सली सहानुभूतिकार, प्रसिद्ध कवि, पत्रकार, साहित्यिक आलोचक और तेलंगाना, भारत के सार्वजनिक वक्ता हैं। वह 19 57 से कविता लिख रहे हैं। उन्हें तेलुगू साहित्य में सर्वश्रेष्ठ मार्क्सवादी आलोचकों में से एक माना जाता है
राव ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार सभी पांच लोग वंचितों की भलाई के लिए काम रहे थे।
देश भर में छापे
उधर खबर है कि महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार सुबह देश के पाँच शहरों में कम से कम 10 बुद्धिजीवियों के घर पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार इन सभी पर जनवरी 2018 में हुई भीमा कोरेगाँव हिंसा को उकसाने का आरोप है।
खबर के मुताबिक महाराष्ट्र पुलिस ने नवलखा के अलावा अरुण परेरिया, वरनन गोनसॉल्विस, वरवर राव और सुधा भारद्वाज को गिरफ्तार किया है।
#BhimaKoregaon Varvara Rao, Arun Pereira, Gautam Navlakha, Varnan Gonsalves
& Sudha Bhardwaj arrested till now following the raids that were conducted by Pune Police. All the accused have been booked under sections 153 A, 505(1) B,117,120 B,13,16,18,20,38,39,40 and UAPA: Sources— ANI (@ANI) August 28, 2018
पुणे पुलिस के पास गौतम नवलखा को 30 अगस्त तक ट्रांजिट रिमाण्ड पर रखने का आदेश था जिसके खिलाफ नवलखा ने मंगलवार को हाई कोर्ट ने अपील की थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमाण्ड पर बुधवार (29 अगस्त) तक के लिए रोक लगा दी है। हाई कोर्ट बुधवार को नवलखा की याचिका पर सुनवाई करेगा। नवलखा को बुधवार तक उनके घर में नजरबंद रखा जाएगा।
Delhi High Court stays transit remand of Gautam Navlakha to Pune. He will be put under house arrest till the case is heard tomorrow. #BhimaKoregaon
— ANI (@ANI) August 28, 2018
महाराष्ट्र पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से दिल्ली में गौतम नवलखा, गोवा में प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे, रांची में मानवाधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी, मुंबई में सामाजिक कार्यकर्ता अरुण परेरा, सुजैन अब्राहम, वर्नन गोनसाल्विस, हैदराबाद में माओवाद समर्थक कवि वरवर राव, वरवर राव की बेटी अनला, पत्रकार कुरमानथ और फरीदाबाद में सुधा भारद्वाज के घर पर छापा मारा।
#BhimaKoregaon Raids were conducted at Mumbai, Ranchi, Hyderabad, Faridabad, Delhi and Thane, today. Stan Swamy from Ranchi was not arrested, only search was conducted at his residential premises: Sources
— ANI (@ANI) August 28, 2018
#भीमाकोरेगांव हिंसा मामले के संबंध में देश भर में छापे और गिरफ्तारी पर सीपीआई (एम) नेता प्रकाश करात ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। हम मांग कर रहे हैं कि इन लोगों के खिलाफ सभी मामलों को वापस ले लिया जाए और उन्हें तत्काल रिहा कर दिया जाए।
This is a brazen attack on democratic rights. We are demanding that all the cases against these people be withdrawn and they be released forthwith: CPI(M) leader Prakash Karat on raids and arrests across the country in connection with #BhimaKoregaon violence case pic.twitter.com/rocy4ldhfA
— ANI (@ANI) August 28, 2018


