मोदी-केजरीवाल ने खड़ा किया अभूतपूर्व संकट : कौन सच बोल रहा है ? केजरीवाल या आईएएस एसोसिएशन ?
मोदी-केजरीवाल ने खड़ा किया अभूतपूर्व संकट : कौन सच बोल रहा है ? केजरीवाल या आईएएस एसोसिएशन ?
मोदी-केजरीवाल ने खड़ा किया अभूतपूर्व संकट : कौन सच बोल रहा है ? केजरीवाल या आईएएस एसोसिएशन ?
नई दिल्ली, 17 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने निजी स्वार्थों की राजनीति में देश के सामने अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया है। केजरीवाल का आरोप है कि दिल्ली में आईएएस हड़ताल पीएमओ ने करवाई है, जबकि आईएएस एसोसिएशन कह रहा है कि दिल्ली में कोई भी आईएएस अधिकारी हड़ताल पर नहीं है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर आईएएस एसोसिएशन की मनीषा सक्सेना ने कहा है कि दिल्ली में कोई भी आईएएस अधिकारी हड़ताल पर नहीं है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली सरकार के आईएएस अधिकारी के हड़ताल पर होने की बात को आईएएस एसोसिएशन ने झूठा करार दिया। रविवार को दिल्ली के आईएएस अधिकारियों ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री केजरीवाल के सभी दावों को गलत बताया।
आईएएस एसोसिएशन की मनीषा सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्री अधिकारियों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
मनीषा सक्सेना ने कहा कि दिल्ली में कोई भी आईएएस अधिकारी हड़ताल पर नहीं है। हम सरकार के साथ हर मीटिंग में हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें प्रताड़ित किया जा रहा है.
मनीषा सक्सेना ने कहा कि हम हर स्तर पर सरकार का सहयोग कर रहे हैं. ऐसा नहीं होता तो चीफ सेक्रेटरी साहब रात में 12 बजे मुख्यमंत्री केजरीवाल के बुलावे पर उनसे मिलने नहीं जाते। लिहाजा ऐसा कहना गलत है कि दिल्ली सरकार के लिए काम करने वाले आईएएस अधिकारी सरकार का सहयोग नहीं कर रहे।
मनीषा सक्सेना ने कहा कि चाहे बात कैबिनेट मीटिंग की या फिर बजट मीटिंग की हमारे अधिकारी हर जगह उपस्थित थे।
आईएएस एसोसिएशन की वर्षा जोशी ने कहा कि हमें अपना काम करने दें। हम भयभीत और पीड़ित महसूस कर रहे हैं। हम पूरी तरह से राजनीतिक कारणों से उपयोग किए जा रहे हैं।
सात दिनों से धरने पर बैठे हैं केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा था कि, हम तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक उपराज्यपाल आईएएस अधिकारियों को मेरी सरकार के साथ फिर सहयोग शुरू करने का निर्देश नहीं देते। तीन महीने से वे हमारे द्वारा आहूत की गई बैठकों में आने से इंकार कर रहे हैं, और किसी भी निर्देश का पालन करने से भी। क्या आपने देश के किसी भी हिस्से में आईएएस अधिकारियों के काम करना छोड़ देने के बारे में सुना है...?
हड़ताल के लिए पीएमओ को ठहराया जिम्मेदार
इन सबके बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया,
'मुझे नहीं लगता माननीय उप-राज्यपाल ने खुद ये फ़ैसला लिया होगा। साफ़ है पीएमओ ने उन्हें इजाज़त नहीं देने के निर्देश दिए होंगे, बिल्कुल उसी तरह जैसे आईएएस हड़ताल पीएमओ ने करवाई है।'
I would like to inform that we are not on strike. The information that IAS officers in Delhi are on strike is completely false & baseless. We are attending meetings, all depts are doing their works. We are sometimes also working on holidays: Manisha Saxena, IAS Association #Delhi pic.twitter.com/4AE90onyYi
— ANI (@ANI) June 17, 2018
Let us do our work. We are feeling frightened and victimised. We are being used for completely political reasons: Varsha Joshi, IAS Association #Delhi pic.twitter.com/Y7b2fE4hNI
— ANI (@ANI) June 17, 2018
हम आ गये हैं आज सडक पर, लोकतंत्र की तलाश में ।
जब बैठी तानाशाही है, प्रधानमंत्री निवास में ।।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 17, 2018


