मौजूदा व्यवस्था ही नाइंसाफी पर टिकी, इसीलिए सामाजिक अधिकार की बात करने वाले सत्ता के निशाने के पर
मौजूदा व्यवस्था ही नाइंसाफी पर टिकी, इसीलिए सामाजिक अधिकार की बात करने वाले सत्ता के निशाने के पर
रिहाई मंच का सामाजिक अधिकार सम्मेलन हुआ संपन्न।
सामाजिक अधिकार पर रिहाई मंच ने किया सेमिनार
गोन्डा (उत्तर प्रदेश)। रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा है कि भारतीय समाज को अब एक नए वैचारिक-राजनैतिक रक्त संचार की जरूरत है। जिसका केंद्रीय मुद्दा इंसाफ होगा, सामाजिक अधिकार होगा क्योंकि पूरी मौजूदा व्यवस्था ही नाइंसाफी पर टिकी है। इसीलिए सामाजिक अधिकार की बात करने वाले सत्ता के निशाने के पर रहते हैं।
एडवोकेट मोहम्मद शुऐब रिहाई मंच द्वारा ‘सामाजिक अधिकार (एक कदम जागरूकता की ओर) विषय पर जेपी पैलेस गोन्डा में आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारें इंसाफ और सामाजिक अधिकार की बात करने वालों से डरती हैं।
हर इन्साफ पसंद अवाम को अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से कुबूल करना होगा।
रिहाई मंच के नेता शरद जायसवाल ने कहा कि जब तक हमारे मुल्क की सियासत बेहतर सोच रखने वालों के हाथ में नहीं आयेगी, तब तक सामाजिक अधिकार जागती आंखों का ख्वाब ही रहेगा। उन्होंने कहा के हमारे सियासत के बदलते स्वरूप ने हमारे देश में नाइन्साफियों को जन्म देकर देश के लोगों में बेचैनी पैदा कर दी है।
शरद जायसवाल ने कहा कि मौजूदा हालात से निपटने के लिए हर इन्साफ पसंद अवाम को अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से कुबूल करना होगा।
रिहाई मंच लखनऊ के महासचिव शकील कुरैशी ने कहा कि रिहाई मंच सामजिक अधिकारों के लिये हमेशा लड़ती रही है।
रिहाई मंच के नेता शबरोज मोहम्मदी ने कहा कि जब तक हम सियासी जागरूक नहीं होंगे तब तक हमारे अधिकारों का हनन होता रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सादिक जफर ने कहा कि समाजिक गैर बराबरी हमारी सब से बड़ी कमजोरी है,
आज कहीं गाय के बहाने दलित और मुसलमान पीटे जा रहे हैं तो कहीं धर्म-मज़हब के नाम पर हमें लड़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों से निपटने के लिये हमें एक आवाज होना होगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रेयान बारी, रफीउद्दीन खाँ, आरिफ मासूमी, मोहम्मद अली मुर्तजा, मोहम्मद जावेद अनवर, मो अब्दुल्लाह, अब्दुल वह, मोहम्मद शुएब, मुबीन खान, अदनान जमीर, डाक्टर मोहम्मद आरिफ, शादाब हनफी, समीउल्लाह, शादाब खान, एहतशाम सिद्दीकी, अली अहमद, फहीम सिद्दीकी, आरिफ मेहबूब, शारिक डाक्टर इ. यु. हाशमी, राहत अली मोहम्मद इसराईल, इत्यादि उपस्थित रहे।


