हमारी दो महिला साथी जेलों मे पड़ी हुई हैं। पहली हैं रोमा बहन और दूसरी हैं चितरूपा जिन्हें हम सब सिल्वी बहन भी कहते हैं।
दोनों महिलाओं ने अपना पूरा जीवन देश के गाँव के लोगों के ज़मीन पर खेती करने के अधिकार, जीवन यापन करने के अधिकार और इज्ज़त से रहने के अधकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया है।
रोमा उत्तर प्रदेश मे सोनभद्र मे बनने वाले कन्हार बाँध विरोधी जन आन्दोलन मे लोगों का साथ दे रही थीं। रोमा को करीब दो महीने से जेल मे डाला हुआ है।
सिल्वी बहन मध्य प्रदेश मे बड़े बाँध बना कर किसानों की ज़मीनें डुबाने के खिलाफ़ जल सत्याग्रह और अदालती लड़ाइयों मे जनता का साथ दे रही थीं इसलिए सरकार ने बीस अगस्त को मध्य प्रदेश मे सिल्वी बहन को भी गिरफ्तार कर के जेल मे डाल दिया है।
इन गिरफ्तारियों पर देश भर मे खामोशी है।
यह एक भयानक दौर है जब मुल्क की ज़मीन और लोगों की ज़िंदगी बचाने की कोशिश करना जुर्म करार दे दिया गया है।
लुटेरे अपराधी गद्दी पर बैठ गए हैं। इतिहास इस दौर को भारत का स्याह दौर के रूप मे बताएगा।
हम इन गिरफ्तारियों का विरोध करते हैं और इनकी रिहाई के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करते हैं।

हिमांशु कुमार
हिमांशु कुमार, गांधीवादीसामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनकी फेसबुक टाइमलाइन से साभार।