युद्धोन्माद के दौर में भारतीय लोकतंत्र और चुनावी सर्जिकल यात्रा पर मोदी
युद्धोन्माद के दौर में भारतीय लोकतंत्र और चुनावी सर्जिकल यात्रा पर मोदी
युद्धोन्माद के दौर में भारतीय लोकतंत्र और चुनावी सर्जिकल यात्रा पर मोदी
रिहाई मंच ‘युद्धोन्माद के दौर में भारतीय लोकतंत्र’ गोष्ठी का आयोजन 17 अक्टूबर को लखनऊ में करेगा
वरिष्ठ पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा होंगे मुख्य वक्ता
लखनऊ 15 अक्टूबर 2016। रिहाई मंच ‘युद्धोन्माद के दौर में भारतीय लोकतंत्र’ विषय पर यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में 17 अक्टूबर 2016, सोमवार दोपहर ढाई बजे से एक विचार गोष्ठी का आयोजन कर रहा है।
कश्मीर, पूर्वोत्तर, झारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्रों में लोकतांत्रिक अधिकारों लिए सवाल उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा मुख्य वक्ता होंगे।
सैन्यवादी फासीवाद स्थापित करने की कोशिश
रिहाई मंच लखनऊ प्रवक्ता अनिल यादव ने कहा कि कश्मीर समेत पूरे देश में स्पेशल पावर एक्ट व अनलॉफुल एक्टिविटीज कानून के नाम पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के जरिए एक सैन्यवादी फासीवाद स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। जिसके खिलाफ उठने वाली आवाजों को भी हिंसक गिरोहों और पेड मीडिया के जरिए दबाया जा रहा है।
उन्होंने कहा जब भी भाजपा की सरकार आती है कश्मीरी आवाम पर दमन बढ़ जाता है। जिससें सिर्फ मुस्लिम ही निशाना नहीं बनाए जाते बल्कि सिखों और पंडितों को भी निशाना बनाया जाता है। 20 मार्च 2000 को छत्तीसिंहपुरा जनसंहार जिसमें 37 सिखों और 23 मार्च 2003 को नदीमर्ग जनसंहार में 24 कश्मीरी पंडितों के जनसंहार इसके उदाहरण हैं। जिनमें अब खुद सिख और कश्मीरी पंडितों के नेता भी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पसंद आवाम की जिम्मेदारी है कि वह इन जनसंहारों की जांच की मांग करे।
रिहाई मंच नेता अमित अंबेडकर ने कहा कि मेरठ के सरधना विधानसभा क्षेत्र के लश्करगंज निवासी मुदस्सिर राना को फेसबुक पर मोदी पर पोस्ट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया जाता है वहीं इसी क्षेत्र के विधायक व सपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी संगीत सोम जिन्होंने पाकिस्तान का फर्जी वीडियो अपलोड कर मुजफ्फनगर सांप्रदायिक हिंसा को अंजाम दिया, उनके ऊपर से रासुका हटा लिया जाना सपा सरकार की दोहरी नीति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि मुदस्सिर को अगर फेसबुक पोस्ट के नाम पर गिरफ्तार किया जाता है तो आखिर रिहाई मंच नेता राजीव यादव द्वारा साइबर क्राइम व रासुका में निरुद्ध संगीत सोम व सुरेश राना के खिलाफ जब जेल से फेसबुक के जरिए सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वाली पोस्टों के खिलाफ अमीनाबाद लखनऊ में तहरीर दी जाती है तो गिरफ्तार तो दूर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया जाता।
महात्मा बुद्ध की अहिंसावादी परंपरा कलंकित की मोदी ने
अमित अंबेडकर ने पिछले दिनों दशहरे के मौके पर मोदी की लखनऊ यात्रा को चुनावी सर्जिकल यात्रा करार देते हुए कहा कि मोदी आतंकवाद से सच में लड़ना चाहते हैं तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि असीमानंद के साथ उनकी तस्वीरें और उसी मंच पर मौजूद गृहमंत्री राजनाथ सिंह और दिनेश शर्मा की साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ की बैठकों की तस्वीरें क्या थीं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से अटल बिहारी बाजपेई की सरकार में पोखरण परमाणु परीक्षण कर कहा गया कि बुद्ध खुश हुए या फिर मोदी द्वारा युद्ध से बुद्ध की बात कहना महात्मा बुद्ध की अहिंसावादी परंपरा को कलंकित करना है।


