उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही कानून व्यवस्था पटरी से उतर गई है। एक महीने में ही पुलिसकर्मियों पर कई हमले हुए हैं और हिंदुत्ववादियों के आतंक के सामने पुलिस बेबस हो गई है। हालाँकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के नए डीजीपी सुलखान सिंह ने कानून हाथ में लेने वालों को ना बख्शने की बात कही है, लेकिन हिन्दुत्ववादी संगठनों पर इसका कितना असर पड़ा है, इसकी एक नजीर आगरा में देखने को मिली, जहां बीती रात ताज नगरी आगरा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के उपद्रवियों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए पुलिस थाने पर हमला कर दिया।

पुलिस ने हिंदुत्ववादी संगठनों के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इन्हीं लोगों को छुड़ाने के लिए ये लोग पुलिस थाने आ धमके और स्टेशन पर कोहराम मचा दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, तो इन लोगों ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी।

दरअसल इस पूरे हंगामे की जड़ में गुरुवार को फतेहपुर सीकरी के तेहरा जौताना इलाके के नजदीक हुई मारपीट का मामला है।

आरोप है कि सब्जी कारोबारी फूल कुरैशी और रिजवान के साथ हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने मारपीट की। इसके बाद पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया था।

शनिवार को पुलिस इन आरोपियों को लेकर फतेहपुर सीकरी थाने पहुंची थी, इसकी भनक जैसे ही भगवा ब्रिगेड को लगी, ये लोग थाने के बाहर जुट गए और हंगामा शुरू कर दिया।

इतना ही नहीं इन लोगों ने थाने के लॉक अप को तोड़ने तक की कोशिश की। जिसके बाद नौबत पथराव और लाठीचार्ज तक पहुंच गई।

प्रदर्शनकारियों ने संतोष कुमार नाम के एक पुलिस अफसर की बाइक में आग लगा दी और उसकी सर्विस रिवॉल्वर छीन ली। ये हंगामा देर रात तक चलता रहा।

(डीबी लाइव)