यूपी सरकार लगाएगी बिजलीकर्मियों के घरों पर मीटर, बिजलीकर्मी नाराज
यूपी सरकार लगाएगी बिजलीकर्मियों के घरों पर मीटर, बिजलीकर्मी नाराज
लखनऊ। सूबे की अखिलेश यादव सरकार एक नई मुसीबत में फंस गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष द्वारा बिजली कर्मचारियों व अधिकारियों के घरों पर मीटर लगाने की कोशिशों को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ0प्र0 ने असंवैधानिक बताते हुए प्रान्तव्यापी कार्य बहिष्कार की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षे की मांग की है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष द्वारा बिजली कर्मचारियों व अधिकारियों के घरों पर मीटर लगाने की कोशिशों को असंवैधानिक करार देते हुये विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ0प्र0 ने चेतावनी दी हैं कि मीटर लगाने का आदेश जारी होते ही सभी ऊर्जा निगमों के तमाम कर्मचारी व अधिकारी तत्काल अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रारम्भ कर देंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी आयोग के अध्यक्ष की होगी। समिति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है, जिससे भीषण गर्मी व बिजली सकंट से कराह रहे प्रदेश में ऊर्जा निगमों को औ़द्योगिक अशान्ति से बचाया सके।
आज यहाँ हुई संघर्ष समिति की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इलैक्ट्रिसिटी रिफार्म एक्ट ‘99, उ0प्र0 रिफार्म ट्रान्सफर स्कीम ‘‘2000 व इलैक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के प्राविधानों में स्पष्ट लिखा हैं-14 जनवरी 2000 के पूर्व विद्युत कर्मचारियों व अधिकारियों को मिल रही रियायती बिजली सुविधा को कभी भी कमतर नहीं किया जायेगा। अतः विद्युत नियामक आयोग की पहल भड़काने वाली है व पूरी तरह असंवैधानिक हैं और नियामक आयोग के अधिकार क्षेत्र के बाहर है।
समिति ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप कर नियामक आयोग के अध्यक्ष की असंवैधानिक कार्यवाही पर रोक लगायें जिससे भीषण गर्मी व बिजली संकट के दौर से गुजर रहे प्रदेश में ऊर्जा निगमों में अनावश्यक औद्योगिक अशान्ति न उत्पन्न हो। समिति ने निर्णय लिया है कि विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कर्मियों के मामले में असंवैधानिक आदेश जारी किया तो ऊर्जा निगमों के कर्मचारी तत्काल अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रारम्भ कर देंगे। आन्दोलन के पहले चरण में बिजली आपूर्ति बनाये रखी जायेगी किन्तु यदि फिर भी असंवैधानिक आदेश वापस न लिया गया तो बिजली कर्मी और कठोर कदम उठाने को विवश होंगे।
समिति ने स्पष्ट किया कि वे ऊर्जा क्षेत्र में वास्तविक सुधारों के पक्षधर हैं किन्तु प्रदेश में लगभग 75 लाख उपभोक्ताओं के घर पर मीटर नहीं है व लगभग 1 करोड़ उपभोक्ता पंजीकृत नहीं है, ऐसी स्थिति में 1 करोड़ 75 लाख उपभोक्ताओं के यहाँ मीटर लगाकर राजस्व बढ़ाने के बजाये मात्र 40 हजार बिजली कर्मी जिनके वेतन से बिजली बिल की नियमित कटौती हो रही है, को निशाना बनाना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में अशान्ति फैलाने की साजिश है, जिसे कामयाब नहीं होने दिया जायेगा।
बैठक में मुख्यतया शैलेन्द्र दुबे, डी0सी0दीक्षित, गिरीश पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश अवस्थी ’’बब्बू’’, सदरूद्दीन राना, पी0के0दीक्षित, सर्वेश द्विवेदी, बिपिन वर्मा, बदरूद्दीन, विमिलेश कुमार, करतार प्रसाद, पूसेलाल, भगवान मिश्र और ए0के0श्रीवास्तव सम्मिलित हुये।


