यूपी सरकार शुगर लॉबी के कब्जे में- अजीत
यूपी सरकार शुगर लॉबी के कब्जे में- अजीत
कानून के राज के लिये आई0पी0एफ0 का
गुन्नौर तहसील पर अनिश्चितकालीन धरना सातवें दिन भी जारी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कर भुगतान न करने वाली
चीनी मिलों की आर.सी. काटे व गन्ना किसानों के बकाये का
भुगतान कराये अखिलेश सरकार।
गुन्नौर 18 अगस्त। प्रदेश की अखिलेश सरकार शुगर लॉबी के कब्जे में है। प्रदेश में गन्ना किसानों के चीनी मिलों पर बकाया लगभग छह हजार करोड़ रूपये का भुगतान इलाहाबाद उच्च न्यायलय की लखनऊ बेन्च के 04. जुलाई . 2013 के आदेश के बावजूद अभी तक नहीं किया गया है। गुन्नौर तहसील में (जनपद सम्भल) रजपुरा स्थित डी.एस.एम. शुगर मिल पर क्षेत्र के किसानों का लगभग 50 करोड़ रूपया बकाया है। जिसका भुगतान नही किया गया है। माननीय उच्च न्यायलय नें 6 सप्ताह में प्रदेश सरकार से गन्ना किसानों का भुगतान कराने के लिये कहा था। भुगतान न करने वाली चीनी मिलों की आर.सी. काटने व उनके मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश माननीय उच्च न्यायालय ने किया था। लेकिन उच्च न्यायलय द्वारा दी गई समय सीमा समाप्त हो जाने के बावजूद प्रदेश की अखिलेश सरकार चीनी मिलों के विरूद्ध कार्यवाही करने को तैयार नही है। इससे जाहिर है कि अखिलेश सरकार चीनी मिल मालिकों से मिली हुई है व गन्ना किसानों को धोखा दे रही है।
उक्त बातें आई.पी.एफ. के प्रवक्ता अजीतसिंह यादव ने गुन्नौर तहसील पर आई.पी.एफ. के अनिश्चितकालीन धरने के सातवें दिन आज सभा में बोलते हुये कही। उन्होंने कहा कि आई.पी.एफ. गन्ना किसानों की लड़ाई अन्तिम दम तक लडे़गा।
श्री यादव ने कहा कि किसानों के गन्ना आदि बकाये के भुगतान, किसान आयोग के गठन व कर्ज माफ करने की घोषणा के साथ सत्ता में पहुँची प्रदेश सरकार में आज भी गन्ना किसानों का 6 हजार करोड़ से ज्यादा बकाया है। उच्च न्यायालय के आदेश का भी पालन अखिलेश सरकार नहीं कर रही है। शुगर लॉबी को नाजायज फायदा पहँचाने के लिये अखिलेश सरकार किसानों की बलि देने को तैयार है। साफ है किसानों के साथ मुलायम- अखिलेश द्वारा धोखा दिया जा रहा है। कानून को मिल मालिकों के हितों के लिये ताक पर रख इस सरकार ने लाखों गन्ना किसानों को भुखमरी के कगार पर पहुँचा दिया है। किसान 6 माह से लेकर साल भर पहले चीनी मिलों को गन्ना बेच चुके हैं। जिसकी चीनी मिलों ने चीनी बनाकर बाजार में सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमा लिया और किसानों को भुगतान नही किया। उन्होंने कहा कि कर्ज माफ करने के मुलायम सिंह के वादे की हालत यह है कि अभी मात्र भूमि विकास बैंक से लिये कर्जे के ब्याज की माफी के लिये सरकार जिलों से सूची माँग रही है। वहीं गाँव-गाँव कर्ज बसूली के नाम पर किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। आर.सी. काटी जा रही है। लागत मूल्य का पचास प्रतिशत जोड़कर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने और किसान आयोग बनाने का किसानो से किया गया वायदा पूरा करने की जगह सरकार इसकी जरूरत को खारिज करने की कोशिश कर धोखा धड़ी पर उतर आयी है।
आईपीएफ नेता ने कहा कि आई.पी.एफ. का धरना किसानों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
ज्ञात हो कि कानून के राज के लिये जन अधिकार अभियान के तहत् आई.पी.एफ. का गुन्नौर तहसील पर पिछले 12 अगस्त 2013 से अनिश्चित कालीन धरना जारी है। धरना द्वारा बहजोई को सम्भल जिले का स्थाई मुख्यालय तत्काल घोषित करने, जिला कोषागार, ए.आर.टी.ओ. दफ्तर सम्भल की जगह बहजोई लाने, किसानों के कर्जे माफ करने कर्ज बसूली बन्द करने, गन्ना किसानों के डी.एस.एम. शुगर मिल रजपुरा पर बकाया लगभग 50 करोड़ रूपये के तत्काल भुगतान करने, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले का पालन करने व भुगतान न करने वाले मिल मालिको पर मुकद्मा दर्ज करने, किसान आयोग का गठन करने, मनरेगा के तहत ग्रामीणो को सौ दिन का रोजगार देने व काम न देने पर बेरोजगारी भत्ता देने, मनरेगा तहत खेती किसानी बागवानी के प्राबधानो को अमल में लाकर किसानो को लाभ देने, बिजली दरों को बढ़ाने के फैसले को बापस लेने, समेत 13 सूत्री माँगो को लेकर आन्दोलन किया जा रहा है। धरने में किसानो की भागीदारी हो रही है। जिला पंचायत सदस्य मास्टर रामबीर सिंह यादव समेत कई पंचायत प्रतिनिधि धरने पर समर्थन देने पहुँचे। आज धरने में सुनील यादव राकेश, हरीशंकर, निरंजन, भूरे, देशराज, समेत दर्जनों आई.पी.एफ. के कार्यकर्ता मौजूद थे।


