ये है अखिलेश यादव का असली चेहरा, नजीब की बात करने वालों को लाठियों से पीटा
ये है अखिलेश यादव का असली चेहरा, नजीब की बात करने वालों को लाठियों से पीटा
ये है अखिलेश यादव का असली चेहरा, नजीब की बात करने वालों को लाठियों से पीटा
आज भी अलीगढ़ में नजीब की खोज की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर उ०प्र० पुलिस ने बेदर्दी से लाठियां चलाई हैं
हिमांशु कुमार
उत्तर प्रदेश की आखिलेश सरकार के साथ मेरे अनुभव बहुत खराब हैं।
मुजफ्फर नगर दंगों के बाद जिला प्रशासन पीड़ितों के आवेदन पत्र तक नहीं लेता था।
कारण पूछने पर पुलिस अधिकारी हमारा घर का पता और मोबाइल नम्बर पूछने लगते थे।
एनडीटीवी की निर्भीक रिपोर्टिंग के बाद सबसे पहले आखिलेश ने उसे सरकारी कार्यक्रमों में बैन किया था।
मैनें अखिलेश द्वारा पत्रकार कमाल खान का अपमान देखा था।
भोपाल फर्जी मुठभेड़ हत्या मामले के विरोध में सिर्फ नारे लगाने पर राजधानी लखनऊ में ही सामाजिक कार्यकर्ता राजीव यादव पर उ०प्र० पुलिस ने बर्बर हमला किया।
मथुरा में नास्तिक मित्र मिलन पर उ०प्र० पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिल कर भाजपा के गुण्डों ने हमला किया, सपा इन गुण्डों के साथ थी।
जितने निर्दोष मुसलमानों को सपा राज में जेलों में ठूंसा गया उतना खुलेआम भाजपा भी नहीं कर सकती।
आज भी अलीगढ़ में नजीब की खोज की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर उ०प्र० पुलिस ने बेदर्दी से लाठियां चलाई हैं।
मुझे इस कुनबे से कोई सहानुभूति नहीं है।


