अनिल यादव

हे सुनो ऐसी नोटिस से हम नहीं डरते।

भोपाल फ़र्ज़ी एनकाउंडर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मारपीट किया और अब अजय कुमार बिष्ट उर्फ आदित्यनाथ की पुलिस मुकदमे की नोटिस भेज रही है।

भोपाल फ़र्ज़ी एनकाउंडर के बाद लखनऊ में एक विरोध प्रदर्शन रखा गया था। अभी लोग आए भी नही थे कि पुलिस आकर बैनर और माइक छीनने लगी। विरोध करने पर रिहाई मंच के महासचिव Rajeev Yadav को पुलिस पीटने लगी। बीच बचाव में शकील कुरैशी के साथ भी मार पीट करने लगे।

दोनों नेताओं को पुलिस घसीटते हुए पास की हज़रतगंज पुलिस चौकी में ले गयी और वहाँ मारपीट की। इसके बाद जब कुछ लोग जब नेताओं के साथ हुए बर्बर मारपीट के खिलाफ हज़रतगंज कोतवाली पहुंचे तो उनके साथ पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया।

लखनऊ के इंसाफ पसंद लोगों के दबाव में मार पीट करने वाले ओंकार नाथ यादव और विजय पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया गया। उस पर तत्कालीन सरकार, जो कि खुद सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता का चैंपियन बनती फिर रही थी, ने भी कोई कार्यवाही नही की। अब योगी सरकार हमको मुक़दमे की नोटिस भेज रही है। खैर योगी जी –

तुम से पहले वो जो इक शख़्स यहाँ तख़्तनशीं था,

उसको भी अपने ख़ुदा होने पे इतना ही यक़ीं था.