#रघुरामराजन ने कहा देश की तरक्की के लिए सहिष्णुता जरूरी, सुह्मण्यम बोले ना बनें ग्रांड फादर
#रघुरामराजन ने कहा देश की तरक्की के लिए सहिष्णुता जरूरी, सुह्मण्यम बोले ना बनें ग्रांड फादर
रघुराम राजन ने की सहिष्णुता की वकालत
तो सुब्रह्मण्यम स्वामी ने तत्काल दिया असहिष्णुता का परिचय
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन Raghuram Rajan ने देश में बढ़ती असहिष्णुता के बीच सहिष्णुता की वकालत करते हुए आज कहा कि सहिष्णुता से कई अपराधों पर लगाम लगाया जा सकता है और भारत ने बहस का संरक्षण किया है और विभिन्न विचारों का हमेशा स्वागत किया है तो तत्काल पलटवार करते हुए भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने उन्हें खरी-खोटी सुनाने में देर नहीं लगाई और राजन के कहे को सच साबित कर दिया।
दरअसल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राजन ने कहा कि सहिष्णुता और एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना से समाज में संतुलन कायम होगा।
रेटिंग एजेंसी मूडीज की चेतावनी के एक दिन बाद उन्होंने कहा कि सौभाग्यवश भारत ने बहस और विभिन्न विचारों का हमेशा संरक्षण किया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी विचार अथवा व्यवहार जिससे किसी खास तबके अथवा समूह को ठेस पहुंचती है, उस पर रोक लगनी चाहिए और बेहतर होगा कि हम त्वरित रोक लगाने के बजाय सहिष्णुता और आपसी सम्मान के जरिए विचारों के लिए बेहतर परिवेश बनाएं।
राजन ने कहा कि निश्चित रूप से हमारे जैसे गरीब देश कुछ और लोगों को काम पर लगाकर, उन्हें कम उत्पादकता वाली कृषि से हटाकर उच्च मूल्यवर्धित उद्योग या सेवाओं से जोड़कर और उन्हें काम हासिल करने के लिए बेहतर तरीका देकर कुछ और समय के लिए वृद्धि दर्ज कर सकते हैं।
राजन ने जब आर्थिक तरक्की के लिए सहनशीलता को जरूरी बताया, तो भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने उन्हें खरी-खोटी सुनाने में कतई देर नहीं लगाई।
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आईआईटी दिल्ली में दिए रघुराम राजन के संबोधन पर कहा, 'राजन को आरबीआई जाकर अपना काम करना चाहिए। उन्हें ग्रैंडफादर की तरह नहीं बोलना चाहिए।'
दरअसल आरबीआई गवर्नर ने आईआईटी दिल्ली में कन्वोकेशन प्रोग्राम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए आर्थिक तरक्की के लिए बहस को जरूरी करार दिया। यही बात सुब्रह्मण्यम स्वामी को चुभ गई।


