रघुवर-मोदी सरकार के विरोध में भिखारी सड़कों पर
रघुवर-मोदी सरकार के विरोध में भिखारी सड़कों पर
मोदी सरकार की नोटबंदी और जीएसटी जैसी योजनाओं से विपक्ष और आम आदमी तो नाराज़ है ही, अब पहले से ही सड़क पर रहकर भीख मांगने वाले भिखारी भी मोदी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित कोडरमा में करीब एक दर्जन भिखारियों ने बाजार में अघोषित रूप से सिक्कों के चलन को बंद करने का विरोध करते हुए कहा कि उनके सामने भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं।
झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित कोडरमा में पिछले रविवार को एक अनूठा नजारा देखने को मिला। कोडरमा शहर में भिखारियों ने जुलूस निकाल कर केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए, बाजार में दुकानदारों द्वारा सिक्के नहीं जाने पर सरकार की आलोचना की। जुलूस के साथ चल रहे एक वाहन पर लगे लाउडस्पीकर से अपनी मांगों के बारे में भी बताया।
जुलूस में शामिल करीब एक दर्जन भिखारियों ने बाजार में अघोषित रूप से सिक्कों के चलन को बंद करने का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की वजह से ही बाजार में दुकानदारों ने सिक्का लेना बंद कर दिया है। इस कारण भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले लोगों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गयी है।
उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि भीख में नोट नहीं मिलते, सिक्के ही मिलते हैं और बाजार में दुकानदार सिक्का लेकर सामान देने से मना कर देते हैं। ऐसे में उनके लिए विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। दिन भर घूम-घूमकर भीख मांगते हैं और जो पैसे मिलते हैं, उससे वह खाने-पीने का कोई सामान भी नहीं खरीद पाते। इन लोगों ने कहा कि भिखारियों को इस समस्या से निजात दिलाना सरकार की जिम्मेवारी है।
भिखारियों ने कहा कि सरकार को चाहिए कि भिखारियों के लिए विशेष कैंप लगाया जाये और उसमें उनसे सिक्के लेकर उसे नोट में बदला जाये। कहा कि यदि सरकार भिखारियों के लिए इतना भी नहीं करेगी, तो सरकार के होने का क्या फायदा। हर नेता गरीब-गुरबा की बात करता है, लेकिन सबसे गरीब लोग, जो भीख मांगकर जीवन बसर कर रहे हैं, उनकी समस्या के बारे के समाधान की कोई बात नहीं करता। ऐसी सरकार का क्या फायदा।
कोडरमा से विशद कुमार की रिपोर्ट


