रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह ही हैं छत्तीसगढ़ के नवाज़ शरीफ़ ?

कांग्रेस ने मांगा रमन सिंह और अभिषेक सिंह इस्तीफ़ा

क्योंकि वही हैं पनामा पेपर्स वाले अभिषाक सिंह

रायपुर, 07 जुलाई। क्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह ही छत्तीसगढ़ के नवाज़ शरीफ़ हैं ? प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने यह आरोप लगाते हुए रमन सिंह और अभिषेक सिंह का इस्तीफ़ा माँगा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने रमन सिंह पर परिवार को फ़ायदा पहुंचाने के लिए रेल योजना में बदलाव करने का आरोप लगाया।

आज भूपेश बघेल की एक पत्रकारवार्ता में जो कुछ कहा गया उसके प्रमुख बिंदु निम्न हैं-



. खोजी पत्रकारों की संस्था आईसीआईजे (ICIJ) ने जब पनामा पेपर्स सार्वजनिक किए तो छत्तीसगढ़ से एक नाम आया था अभिषाक सिंह का।

. अभिषाक सिंह ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में खाता खुलवाने के लिए जो पता दिया था वह पता वही था जो मुख्यमंत्री रमन सिंह के घर का पता है - रमन मेडिकल स्टोर, न्यू बस स्टैंड, वार्ड नंबर 20, विंध्यवासिनी वार्ड, कवर्धा।

. अभी तक मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके सांसद बेटे अभिषेक सिंह इस बात से इनकार करते रहे हैं कि वे किसी अभिषाक सिंह को जानते हैं।

. हालांकि उन्होंने कांग्रेस की इस मांग को हमेशा अनसुना कर दिया कि अगर मुख्यमंत्री के घर के पते का किसी ने दुरुपयोग किया है तो इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई जानी चाहिए।

. पनामा पेपर्स मामले में ही पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी पुत्री मरियम को 10 वर्ष की सजा हो गयी। ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ का नारा देने वाले नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री रमन सिंह के कवर्धा निवास के पते वाले अभिषाक सिंह की जांच करवाना भी जरूरी क्यों नहीं करवाया?

. लेकिन अब कुछ नए दस्तावेज़ सामने आयें हैं जिससे ज़ाहिर होता है कि अभिषेक सिंह ही अभिषाक सिंह हैं।

. हमारे पास ये साबित करने के लिए दस्तावेज़ हैं कि अभिषाक सिंह ने बाद में अपने नाम की स्पेलिंग बदली है और अभिषेक सिंह बन गए हैं।

. नाम बदलने के पहले वे एक कंपनी के डायरेक्टर थे लेकिन चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने उस कंपनी से इस्तीफ़ा दे दिया।

. अब उस कंपनी में मुख्यमंत्री रमन सिंह के रिश्तेदार डायरेक्टर हैं और इस कंपनी को फ़ायदा पहुंचाने के लिए रमन सिंह जी ने सलापुर-मुंगेली-पंडरिया-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़रेललाइनकी पूरी योजना बदल दी है।

. इस योजना परिवर्तन से अभिषाक उर्फ़ अभिषेक सिंह को भी फ़ायदा पहुंचने वाला है।



अभिषाक सिंह कैसे बने अभिषेक सिंह

. एक कंपनी है शैलेट एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड।

. इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन हुआ 04/11/2011 को. इसके लिए पता दिया गया सोनल ठाकुर के निवास का - विला नं. 4, वर्ल्ड स्पा, वेस्ट सेक्टर 30-41 गुड़गांव, हरियाणा।

. शुरुआत में इस कंपनी के तीन डायरेक्टर थे

a. अभिषाक सिंह s/o रमन सिंह (5000 शेयर)

b. एश्वर्ड हाड़ा w/o अभिषाक सिंह (35000 शेयर)

c. सोनल ठाकुर d/o महेंद्र कलचुरी (10000 शेयर)

. अभिषाक सिंह ने 01/11/2013 को कंपनी के डायरेक्टर के पद से इस्तीफ़ा दे दिया।

. लोकसभा चुनाव 2014 का नामांकन भरने से ठीक एक हफ़्ते पहले यानी 15/11/2014 अभिषेक सिंह और उनकी पत्नी एश्वर्य हाड़ा के सारे शेयर इला कलचुरी w/o महेंद्र कलचुरी के नाम ट्रांसफ़र कर दिए गए।

. फ़ेसबुक पर उपलब्ध सूचना बताती है कि अभिषाक सिंह (Abhishak Singh) के नाम से एक फ़ेसबुक पेज 09/11/2013 को बनाया गया । लेकिन 16/03/2014 को इस पेज पर नाम बदलकर अभिषेक सिंह (Abhishek Singh) कर दिया गया।

. 23/03/2014 को अभिषेक सिंह ने संसदीय चुनाव के लिए नामांकन भरा।

. क्वेस्ट हाइट्स लिमिटेड के नाम की जिस कंपनी का खाता वर्ष 2008 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में खोला गया था, जिसमें अभिषाक सिंह डायरेक्टर थे और वहां भी अभिषाक सिंह का पता था - रमन मेडिकल स्टोर, न्यू बस स्टैंड, वार्ड नंबर 20, विंध्यवासिनी वार्ड, कवर्धा।

. यानी अभिषेक सिंह ने लोकसभा चुनाव से पहले ही अपने नाम की स्पेलिंग बदली थी और इससे पहले वही अभिषाक सिंह थे ।

शैलेट एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड यानी रमन सिंह का कुनबा

. कंपनी रजिस्टर हुई है सोनल ठाकुर (विदेशी नागरिक) के गुड़गांव वाले पते पर. सोनल ठाकुर रमन सिंह की भतीजी हैं. यानी उनकी बहन इला कलचुरी (w/o महेंद्र कलचुरी) की बेटी।

. पहले इस कंपनी के डायरेक्टर थे अभिषाक सिंह (उर्फ़ अभिषेक सिंह) और उनकी बहू (यानी अभिषेक सिंह की पत्नी) एश्वर्य हाड़ा।

. बाद में इन दोनों ने अपने शेयर इला कलचुरी के नाम ट्रांसफर कर दिए. जैसा कि हम पहले बता चुके इला कलचुरी ( d/o विघ्नहरण सिंह) रमन सिंह की बहन हैं।

. एक और डायरेक्टर प्रमोद अग्रवाल बाद में जुड़े. अभी इनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है लेकिन पता चला है कि ये भी रमन सिंह परिवार के ख़ास सदस्य हैं।

अभिषेक के अभिषाक होने के सबूत

1. शैलेट एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का फार्म 32 जिसमें अभिषाक सिंह नाम. जिसमें पिता का नाम रमन सिंह है और पता कवर्धा में रमन मेडिकल स्टोर का है।

2. फ़ेसबुक पर उपलब्ध जानकारी जिसमें बताया गया है कि अभिषाक सिंह नाम के पेज का नाम बदलकर अभिषेक सिंह किया गया।

3. शैलेट कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन में अभिषाक सिंह के हस्ताक्षर और लोकसभा चुनाव के लिए जमा किए गए शपथ पत्र में अभिषेक सिंह के हस्ताक्षर का एक जैसा होना।

4. शैलेट कंपनी की बैलेंस शीट में अभिषाक सिंह के हस्ताक्षर और लोकसभा चुनाव के लिए जमा किए गए शपथ पत्र में अभिषेक सिंह के हस्ताक्षर का एक जैसा होना.

परिवार को फ़ायदा पहुंचाने के लिए बदली गई रेल परियोजना

. यह मामला उसलापुर-मुंगेली-पंडरिया-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल लाइन का है।

. इस रेल लाइन का तीन बार सर्वे हुआ। पहले दो बार के सर्वे में पंडरिया में एक स्टेशन बनना था। यह स्टेशन बोड़ला और पांडातराई के नज़दीक था।

. लेकिन जो तीसरा सर्वे मुख्यमंत्री रमन सिंह जी ने करवाया है, उसमें 80-90 प्रतिशत इलाक़ा इस इलाक़े की जनता से दूर हो गया है।

. पहले जो स्टेशन आठ किलोमीटर के दायरे में था, वह अब 35 किलोमीटर दूर हो गया है। इसे लेकर पंडरिया में आंदोलन भी हो रहा है।

. लोरमी से भी स्टेशन 20 किलोमीटर दूर हो गया है।

. चूंकि यह परियोजना छत्तीसगढ़ सरकार और रेल मंत्रालय मिलकर बना रहे हैं इसलिए इसमें रूट तय करने की छूट छत्तीसगढ़ सरकार के पास है।

. और इसीलिए अब नया रूट एकदम अलग है. नया स्टेशन भी तय हो गया. ग्राम घोटिया में अब स्टेशन बनने जा रहा है।

. घोटिया वही जगह है जहां शैलेट स्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी के नाम 17 एकड़ जमीन है और यहीं मुख्यमंत्री जी के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह पुत्र नाम कम से कम सात एकड़ ज़मीन है।

. चूंकि शैलेट कंपनी परिवार के लोगों की कंपनी है इसलिए यह परियोजना उन्हें फ़ायदा पहुंचाने के लिए बदली गई है।

. औने पौने दाम पर ख़रीदी गई ज़मीन का दाम एकाएक आसमान तक पहुंच जाएगा।

. अभी तो इतनी ही जानकारी है, हमें आशंका है कि इस नए रेल मार्ग पर रमन सिंह, उनके परिवार और भाजपा-संघ परिवार के बहुत से लोगों ने पहले से ज़मीन ख़रीद रखी होगी।

कांग्रेस की मांग

1. अब तो यह साबित हो चुका कि राजनांदगांव के सांसद अभिषेक सिंह ही अभिषाक सिंह हैं. यानी पनामा पेपर्स में जिस अभिषाक सिंह का नाम है वे सांसद अभिषेक सिंह ही हैं. यानी विदेश में कालेधन वाला खाता सांसद अभिषेक सिंह का ही है।

2. जब साबित हो चुका कि अभिषेक सिंह ही छत्तीसगढ़ के नवाज़ शरीफ़ हैं तो उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।

3. रमन सिंह जी ने रेल परियोजना में जो बदलाव किए हैं और ग्राम घोटिया में स्टेशन बनाने का जो प्रस्ताव किया है उसके पीछे अपने परिवार को फ़ायदा पहुंचाने का स्वार्थ दिखता है।

4. घोटिया में पहले से ख़रीदी गई कम से कम 24 एकड़ ज़मीन बेशकीमती होने जा रही है. यह भ्रष्टाचार का खुला मामला है।

5. जनता के पैसों का दुरुपयोग करके और जनहित को अनदेखा करके रमन सिंह जिस तरह से अपने कुनबे को फ़ायदा पहुंचा रहे हैं इसके लिए उन्हें तत्काल इस्तीफ़ा देना चाहिए।

6. इस पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए।

7. चूंकि यह मामला सोनल ठाकुर नाम की विदेशी नागरिक से भी जुड़ा है इसलिए इसे तत्काल एनफ़ोर्समेंट एजेंसी (ईडी) को भी सौंपा जाए।