१. मरने से पहले
किसी ने कहा था
लिख डालो अपने
गांव से दिल्ली
की यात्रा का सच
सोचता ूं मरने
से पहले
जरूर लिखंू
क्योंकि सच्चाई
बतानी होती
है बड़ी मुश्किल
उसमें है द्धेष , प्रेम,
कुछ खास प्रेम
कुछ कार्य
कुछ दुख
अपना गांव
और दिल्ली
की यात्रा
जल्दी कैसे लिखुं।
उन्होंने कहा था लिखो
सब सच,
मैंने कहा लिख दूं
अब सोचता है मैं कितना नंगाा हो जाउंगा
लोग कितने नगें हो जाएगें
पर जरूर लिख्रूंगा ...
गांव से दिल्ली की यात्रा

२.आवाजें

मैं ताज एक्सप्रेस से बोल रहा हूँ
वच्चा है,
किधर
गिरा.., जगह दो
कहां जाऊं
आपके पैर , मे पैर पर है,
ढंग से बैठना नहीं आता
ये तो पकड़
मम्मा क्या कहेंगी
चाय-चाय गरम चाय
बैठे रह बै�
मुन्नी बदनाम हुई
चाबी घर पर ही रखी हुई है
मैं ताज से निकल चुका हूँ
मैं यहां खड़ा हूँ ।
दृषित हो रही है पृथ्वी
रिसर्च कर रहा हूँ