गौरव अवस्थी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की विशालकाय कार्यसमिति आज लम्बी प्रतीक्षा के बाद आख़िरकार घोषित हो ही गयी। कमेटी में रायबरेली अमेठी से पाँच उपाध्यक्ष, एक महामंत्री और तीन सचिव बनाये गये हैं। इसके पहले जिले के दो -एक नेताओं को ही प्रदेश कमेटी में जगह मिली थी, लेकिन पिछले विधान सभा चुनाव में रायबरेली-अमेठी में कांग्रेस की पराजय के बाद आलाकमान काफी सतर्कता बरत रहा है और आम चुनाव में कोई रिस्क नहीं उठाना चाहता। इसीलिये विधान सभा चुनाव में हारे विधायकों को भी समायोजित किया गया है।
कमेटी में उपाध्यक्ष बनाये गये गणेश शंकर पाण्डेय पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। उनके अलावा विधायक डॉ. मो मुस्लिम, पूर्व विधायक अशोक सिंह, शिव गणेश लोधी और शिव बालक पासी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। रायबरेली के नेता ओपी श्रीवास्तव को महामंत्री और पल्टू पासी, शहनाज पठान व् शिव कुमार पाण्डेय को सचिव की जिम्मेदारी दी गयी है।
फैजाबाद के सांसद निर्मल खत्री को सवा साल पहले प्रदेश कांग्रेस की कमान दी गयी थी। इस दौरान कमेटी गठित करने की कोशिशें तमाम हुयीं लेकिन कमेटी को मंजूरी नहीं मिल पायी। प्रदेश में कांग्रेस की यह नियति है कि चाहे भी दुर्दिन में हो लेकिन उसकी चाल नहीं बदलती है। इस दरम्यान खत्री को लेकर ना जाने कितनी अफवाहें उड़ीं। एक केन्द्रीय मन्त्री ने तरह-तरह की कलाएं दिखायी। कमान मिलने की हसरत भी सामने आयी पर कांग्रेस ने ना अपनी रीति छोड़ी ना नीति। नई कमेटी में कहने को तो नए-पुराने का सन्तुलन बिठाया गया है लेकिन कुछ विसंगतियाँ भी सामने आयी हैं। युवक कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष नयी कमेटी में सचिव हैं और उनके महामंत्री रहे एक युवा नेता अब उनके ऊपर महामंत्री हैं। चुनाव की बेला में यह कमेटी क्या गुल खिला पायेगी कहना कठिन है पर इतना जरूर है कि अंदरूनी उठापटक तेज होगी। ऐसे में चुनावी तैयारियों का क्या हश्र होगा अंदाज करना कठिन नहीं है।

गौरव अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार हैं।