रिहाई मंच ने अबु आसिम आजमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की दी तहरीर
रिहाई मंच ने अबु आसिम आजमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की दी तहरीर
आजमी का बयान सपा की हताशा को दर्शाता है- मोहम्मद शुऐब
सपा की डगमगाती नांव को पूरी तरह डुबो देगा आजमी का यह बयान
लखनऊ, 3 मई 2014। रिहाई मंच ने सपा नेता अबु आसिम आजमी द्वारा पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद में दिए गए आपत्तिजनक बयान पर उनके खिलाफ चुनाव आयोग तथा लखनऊ एसएसपी कार्यालय में मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है।
संगठन के प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि जिस तरह अबु आसिम आजमी ने सपा को वोट नहीं देने वाले मुसलमानों का डीएनए टेस्ट कराने की बात कही है वह न केवल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि अंर्तगत धारा 153 ए और धारा 295 ए आईपीसी और धारा 125 लोक प्रतिनिधित्व कानून के अंर्तगत एक दंडनीय अपराध है। श्री अबू आसिम आजमी द्वारा दिए गए उपरोक्त भाषण से न केवल प्रार्थी बल्कि इस भाषण को देखने वाले प्रार्थी के मित्रों और आम मुसलमानों की भावनाएं भी आहत हुई हैं। इससे मुसलमानों को विवश किया जा रहा है कि वो समाजवादी पार्टी को वोट देना अपना धार्मिक कार्य समझें और इस भाषण से आम मतदाताओं की व्यक्तिगत गरिमा को भी चोट पहुंची है। जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
रिहाई मंच के अध्य़क्ष मोहम्म्द शुऐब ने कहा कि अबु आसिम आजमी का यह बयान चुनाव में हो रहे सपा को भारी नुकसान से उपजी हताशा को दर्शाता है कि उसे मुसलमानों ने मुजफ्फरनगर दंगे, आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों को रिहा करने के वादे से मुकरने और खालिद मुजाहिद की हिरासत में हत्या कराने का जवाब दे दिया है। वहीं मंच के प्रवक्ता राजीव यादव ने कहा कि अबु आसिम आजमी का यह बयान सपा की डगमगाती नाव को पूरी तरह डुबो देने वाला साबित होगा।
मंच द्वारा दी गई तहरीर निम्न प्रकार है
रजिस्टर्ड
सेवा मे, दिनांक- 03.04.2014
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय
जनपद लखनऊ
उत्तर प्रदेश।
विषय-समाजवादी पार्टी नेता अबू आसिम आजमी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के संदर्भ में।
महोदय,
निवेदन करना है कि दिनांक 02 मई 2014 को समय लगभग ग्यारह बजे दोपहर मैं, प्रार्थी एनडीटीवी चैनल देख रहा था, तो उस पर समाजवादी पार्टी के सांसद अबू आसिम आजमी द्वारा खरीलाबाद उत्तर प्रदेश में दिए गए भाषण के अंश प्रसारित किए जा रहे थे। जिसमें श्री अबू आसिम आजमी भाषण दे रहे थे कि वो मुसलमान सच्चा नहीं है, जो समाजवादी पार्टी को वोट न दे। उसका डीएनए टेस्ट कराओ क्योंकि मुलायम सिंह ने बहुत काम किया है। उनके इस भाषण को सुनकर प्रार्थी स्तब्ध रह गया और प्रार्थी की धार्मिक भावनाओं को इससे गहरी चोट पहंुची। वोट देने का अधिकार भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकार है जिसका धर्म और धार्मिक आस्थाओं से कोई संबंध नहीं है। श्री अबू आसिम आजमी द्वारा दिए गए उपरोक्त भाषण से न केवल प्रार्थी बल्कि इस भाषण को देखने वाले प्रार्थी के मित्रों और आम मुसलमानों की भावनाएं भी आहत हुई हैं। इससे मुसलमानों को विवश किया जा रहा है कि वो समाजवादी पार्टी को वोट देना अपना धार्मिक कार्य समझें और इस भाषण से आम मतदाताओं की व्यक्तिगत गरिमा को भी चोट पहुंची है। अन्यथा डीएनए टेस्ट कराए जाने की बात कहना औचित्यपूर्ण नहीं है। श्री अबू आसिम आजमी का यह भाषण न केवल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि अंर्तगत धारा 153 ए और धारा 295 ए आईपीसी और धारा 125 लोक प्रतिनिधित्व कानून के अंर्तगत एक दंडनीय अपराध है। प्रार्थी जहां कहीं भी गया वहां उसने मुस्लिम व्यक्तियों को श्री अबू आसिम आजमी के उक्त भाषण पर अपनी धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण रोष पूर्वक बातें करते हुए सुना। श्री अबू आसिम आजमी के उक्त भाषण का वीडियो एनडीटीवी चैनल द्वारा लगातार दिखाया गया है जिसे साक्ष्य के रूप में उक्त चैनल से हासिल किया जा सकता है। अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि इस संबंध में सुसंगत धाराओं के अंर्तगत मुकदमा दर्ज कराने के आदेश देने की कृपा करें।
प्रार्थी
शाहनवाज आलम
प्रवक्ता रिहाई मंच
पता- द्वारा- मोहम्मद शुऐब एडवोकेट
110/60 हरि नाथ बनर्जी स्ट्रीट, लाटूश रोड, नया गांव ईस्ट
थाना- अमीनाबाद, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मो-9415254919


