अमरेश श्रीवास्तव
फतेहपुर के जिला अस्पताल में कालका मेल के घायलों से मिलने के लिए रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी रात साढ़े बारह बजे पहुंचे और मीडिया कर्मियों को गेट पर ही रूकने के लिए कहा।
वहां पर भर्ती घायलों के परिजनों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा , जैसे ही वह अपनी गाड़ी से उतरे तो उन्हें घायलों के परिजनों और उनके कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। तो मंत्री के तेवर उग्र हो गये और उन्होने पहले तो अपने कार्यकर्ताओं के साथ आक्रोषित होकर पेश हुए इसके बाद घायल के परिजनों को भी उनके कोप का भजन बनना पड़ा यहां तक की घायलों के परिजन अपनी पीड़ा मंत्री से व्यक्त करना चाह रहे थे लेकिन पुलिस प्रशासन से उनकी काफी नोक झोंक हुई और वह अपना दर्द भी नहीं बयां कर पाये इस दौरान मंत्री के तेवर देखते बन रहे थे। उनके तेवर इतने उग्र थे कि उन्हे यह भी नहीं पता चला कि मीडिया के कैमरे भी यहां पर चल रहें है। और उनको जो लगा वह बोले ।काफी समय से चूंकि मीडिया कर्मी उनका इंतजार कर रहे थे लेकिन जैसे ही वह आऐ उन्होने फोर्स के बल पर मीडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद जब वह घायलों से मिल चुके तो दूसरे गेट में अपनी एम्बेसडर मंगा लिया यह देख मीडियाकर्मी भौचक्के रह गये और दूसरी ओर भागे लेकिन वहां पर भी उन लोगों को मंत्री से नहीं मिलने दिया गया। इसके बाद जो कुछ भी हुआ वह पूरी तरीके से जायज ही था। मीडियाकर्मियों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। और फिर रेलमंत्री और मीडियाकर्मियों में काफी देर बहस और झड़पों का दौर जारी रहा बाद में पुलिस बल को पूरी तरह से हटने के लिए रेलमंत्री ने कहा लेकिन बाद में मीडिया के हंगामें के बाद मंत्री जी का तो रूख ही बदल गया और मीडियाकर्मियों से माफी मांगी तब जाकर कही मीडियाकर्मियों का गुस्सा शांत हुआ।